उत्तराखंड की महिलाओं ने दर्ज किया ये रिकॉर्ड, रचा फिर से इतिहास

आज हर क्षेत्र में लड़कियां आगे हैं। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक उत्तराखंड की बेटियों ने देवभूमि का मान बढ़ाया है। खेल के मैदान से लेकर बॉलीवुड जगत तक चाहे फौज हो या विदेश सेवा, हर क्षेत्र में बेटियों का दबदबा है। अब छह सदस्यीय सीबीटीएस महिला टीम ने 6220 मीटर ऊंची मयूर चोटी को फतह कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है।

CBTS (Climbing Beyond the Summits) की छह सदस्यीय महिला टीम ने पहली बार यहां इतिहास रचा है। महिलाओं ने 6220 मीटर ऊंची मयूर चोटी को फतह कर नया रिकॉर्ड बनाया है. पहली बार कोई भारतीय टीम इस चोटी को फतह करने में सफल रही है। बुधवार को महिला टीम धारचूला पहुंची. यहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 8 सितंबर को नैनीताल से इस दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। टीम लीडर शीतल के नेतृत्व में छह सदस्यीय दल को आदि कैलाश पर्वत श्रृंखला की दूसरी सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने के लिए रवाना किया गया था।

एवरेस्ट विजेता योगेश सिंह गबरियाल ने भी टीम की रूपरेखा तय की थी। टीम में शामिल महिलाओं ने अपना बेस कैंप 4750 मीटर की ऊंचाई पर बनाया और 29 सितंबर की सुबह टीम 6220 मीटर ऊंची चोटी पर चढ़ने में सफल रही. टीम ने दारमा और ब्यास घाटी को जोड़ने वाले सायन ला दर्रे को भी पार किया। टीम में शीतल, कला बादल, मीनाक्षी राठौर, यादनिकी मित्रे, ध्रुवी मोदी, द्रौपदी रोंकली शामिल थीं।

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