अब ड्रोन से करें फसलों की देखभाल: Drone Subsidy में 10 लाख़ का फायदा, आवेदन लिंक

Drone Subsidy : ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए ड्रोन की खरीद के लिए कृषि संस्थानों को 10 लाख रुपये की लागत तक 100 प्रतिशत अनुदान की पेशकश की। इसके अलावा सरकार ने कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को किसानों के खेतों पर प्रदर्शित करने के लिए ड्रोन की लागत (Drone Price) का 75 प्रतिशत अनुदान भी प्रदान किया है।

Drone खरीदने के इच्छुक किसान

ड्रोन खरीदने के लिए सब्सिडी देने की घोषणा ने किसानों और संस्थानों में दिलचस्पी पैदा की है। कर्नाटक के कृषि मंत्री बी सी पाटिल ने कहा, “कर्नाटक में कृषि के तहत लगभग 12.3 मिलियन हेक्टेयर है और ड्रोन किसानों को श्रम समस्याओं को कम करने में मदद करेगा।

Drone Subsidy
Drone Subsidy

सरकार ड्रोन की खरीद के लिए देगी Subsidy

सरकार ने इस क्षेत्र के हितधारकों के लिए ड्रोन तकनीक को सस्ता बनाने के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। “कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन” (SMAM) पर अपने दिशानिर्देशों में इसने 100 प्रतिशत अनुदान या 10 लाख रुपये का लाभ मिलेगा। प्रदर्शन के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर्स (CHC) से ड्रोन किराए पर लेने के लिए कार्यान्वयन एजेंसियों को 6000 रुपये हेक्टेयर का आकस्मिक परिव्यय भी दिया जाएगा। ड्रोन प्रदर्शनों के लिए ड्रोन खरीदने वाली कार्यान्वयन एजेंसियों को आकस्मिक व्यय 3000 रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा।

CHC को दिया जाएगा 40 प्रतिशत रुपये तक का अनुदान

सरकार ने कहा कि पहले 31 मार्च 2023 तक वित्तीय सहायता और अनुदान उपलब्ध होगा और फिर इसकी समीक्षा की जाएगी। सहकारी समितियों FPO द्वारा स्थापित मौजूदा कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) को भी ड्रोन की मूल लागत और इसके अटैचमेंट का 40 प्रतिशत रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।

कृषि स्नातकों द्वारा सीएचसी की स्थापना की गई है तो ड्रोन सब्सिडी (Drone Subsidy) की मूल लागत का 50 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। मंत्रालय ने कहा, “सीएचसी हाई-टेक हब के लिए कृषि ड्रोन की सब्सिडी वाली खरीद तकनीक को सस्ती कर देगी जिसके परिणामस्वरूप उन्हें व्यापक रूप से अपनाया जाएगा। इससे देश में आम आदमी के लिए ड्रोन अधिक सुलभ हो जाएंगे और घरेलू ड्रोन उत्पादन को काफी बढ़ावा मिलेगा।

close button