क्या बिना eKYC के PM Kisan 11th Kist मिलेगी? जानें जवाब

kab ayegi pm kisan yojana ki 11 kist? खाते में आएगा पीएम किसान का पैसा या नहीं? क्या अगली किस्त यानी 2000 रुपये अप्रैल-जुलाई के कहीं लटके होंगे? ऐसे तमाम सवाल आजकल गांव के चौपालों, चाय की दुकानों में किसानों के बीच आम हैं। इन सवालों के सही जवाब खोजने से पहले आपको बता दें कि अभी तक राज्य सरकारों ने मंजूरी नहीं दी है। अगर आप अपना स्टेटस चेक करेंगे तो पाएंगे कि अभी Waiting for approval by state दिख रहा है। इसका मतलब है कि PM Kisan 11th installment आने में अभी थोड़ा देरी है।

वहीं PM Kisan Portal pm.kisan.gov.in पर e-KYC को लेकर एक संदेश फ्लैश हो रहा है। मैसेज में लिखा है कि PM KISAN के रजिस्टर्ड किसानों के लिए eKYC अनिवार्य है। कृपया Biometric Authentication के लिए अपने निकटतम CSC यानी आधार सेवा केंद्रों से संपर्क करें। OTP authentication के माध्यम से आधार आधारित eKYC को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। सभी pm kisan beneficiary status बताने से पहले e-kyc pm kisan की समय सीमा 31 मई 2022 तक बढ़ा दी गई है। फिलहाल यह सुविधा बंद है। यह काफी हद तक संभव है कि पिछली बार की तरह इस बार भी pm kisan go.in 11th installment बिना e-KYC के किसानों के खातों में भेजी जाए।

e-kyc pm kisan
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आपको बता दें कि pm kisan samman nidhi yojana online aavedan के तहत सभी भूमि धारक किसान परिवारों को 2000-2000 रुपये की तीन समान किश्तों में 6,000/- रुपये प्रति वर्ष की आय सहायता प्रदान की जाती है। योजना के तहत कोरोना महामारी के दौरान 1.30 लाख करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर की गयी

क्या पति-पत्नी दोनों को किश्त मिल सकती है?

अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या पति-पत्नी दोनों pm kisan beneficiary हो सकते हैं? तो जवाब है नहीं। अगर कोई ऐसा करता है तो उससे सरकार वसूल करेगी।

बंद हो जाएगी करदाताओं की किस्त

इसके अलावा अगर किसान परिवार में कोई टैक्स चुकाता है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यानी अगर पति या पत्नी में से किसी ने पिछले साल इनकम टैक्स का भुगतान किया है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

उनको भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा

वहीं, जो लोग कृषि कार्य के स्थान पर कृषि भूमि का उपयोग अन्य कार्यों में कर रहे हैं या दूसरों के खेतों में खेती का काम करते हैं, लेकिन खेत के मालिक नहीं हैं। ऐसे किसान भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते।

अगर कोई किसान खेती कर रहा है, लेकिन खेत उसके नाम नहीं है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यदि खेत उनके पिता या दादा के नाम पर है तो भी वह इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं।

अगर कोई कृषि भूमि का मालिक है, लेकिन वह एक सरकारी कर्मचारी है या सेवानिवृत्त हो गया है, मौजूदा या पूर्व सांसद, विधायक, मंत्री को PM Kisan Yojana का लाभ नहीं मिल सकता है।

e-kyc pm kisan

pm-kisan e-kyc प्रक्रिया की अच्छी बात यह है कि सरकार ने किसानों को राहत देते हुए pm kisan e-kyc प्रक्रिया को पूरा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। pm kisan ekyc portal पर अपडेट की गई जानकारी पर नजर डालें तो अब किसान इस प्रक्रिया को 22 मई, 2022 तक पूरा कर सकते हैं। आपको बता दें कि इससे पहले आखिरी तारीख 31 मार्च 2022 थी। यहां हम बात करते हैं कि करीब 12.53 करोड़ किसान पंजीकृत हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अगर आप e kyc pm kisan नहीं कराते हैं, तो आपकी अगली किस्त में देरी हो सकती है। आइए आज हम आपको बताते हैं इसका प्रोसेस।

ekyc pm kisan Process

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pm kisan.gob.in पर जाएँ
  • अब आपको PM Kisan Portal का होमपेज दिखेगा। इसके नीचे जाएं और यहां आपको pm kisan ekyc लिखा दिखाई देगा।
  • इसे टैप करें और आप अपना आधार नंबर दर्ज करें और सर्च बटन पर टैप करने का काम करें।
  • अब इसमें आधार से लिंक मोबाइल नंबर डालने का काम करें। इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर 4 डिजिट का OTP भेजा जाएगा। इसे दिए गए बॉक्स में सही टाइप करें।
  • इसके बाद एक बार फिर आपसे आधार प्रमाणीकरण के लिए बटन पर टैप करने को कहा जाएगा। इतना करने के बाद अब आपके आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर पर एक और 6 डिजिट का ओटीपी आएगा। इसे भरें और सबमिट करें।

अगर सब कुछ ठीक रहा तो kyc pm kisan कंप्लीट हो जाएगा नहीं तो आपको Invalid लिखा दिखाई देगा। अगर ऐसा होता है तो आपकी किश्त लटक सकती है। आप आधार सेवा केंद्र में जाकर उसे ठीक करवाएं। अगर आपका eKYC पहले ही पूरा हो चुका है तो pm kisan kyc हो चुका है का मैसेज आएगा.

इस वक्त आ सकती है 11वीं किस्त

यहां चर्चा करते हैं कि pm kisan gov के तहत मोदी सरकार हर वित्तीय वर्ष में किसानों को 6000 रुपये देती है, जो 2000-2000 की तीन किस्तों में उनके खाते में भेजी जाती है. इसके तहत हर साल की पहली किस्त 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक आती है। वहीं, दूसरी किश्त 1 अगस्त से 30 नवंबर तक और तीसरी किस्त 1 दिसंबर से 31 मार्च तक किसानों के खाते में भेजी जाती है।

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