नहीं मिलेगी 12 क़िस्त?? हजारों किसानों का नहीं मिल रहा डाटा, कहीं आप भी तो शामिल

PM Kisan Samman Nidhi को लेकर सरकार ने बड़ी सख्ती दिखाई है। सरकार ने इस योजना के तहत भूमि की जांच के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि देश के 10 करोड़ से अधिक किसान Pardhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana में पंजीकृत हैं। केंद्र सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए सीधे उनके खाते में 2 हजार रुपये की 3 किस्तें यानी सालाना 6 हजार रुपये भेजती है। लेकिन कुछ लोग इस योजना का लाभ गलत तरीके से ले रहे हैं, जिसके चलते सरकार ने योजना में पंजीकृत किसानों के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।

PM Kisan Samman Nidhi Data Feeding and Verification

Kisan Samman Nidhi के तहत Uttar Pradesh, Chandauli के 94 हजार लाभार्थी किसान खाताधारकों का डाटा नहीं मिला है। मंगलवार को एसडीएम मनोज पाठक व तहसीलदार सतीश कुमार ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर डाटा फीडिंग व वेरिफिकेशन (PM Kisan Yojana data feeding and verification) का काम पूरा करने के निर्देश दिए।

तहसील क्षेत्र में कुल 319 गांव हैं, जिनमें से 122 गांव के 94 हजार किसान खाताधारकों का डाटा राजस्व विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। कई ऐसे खाताधारक (PM Kisan account holders) हैं जो तहसील क्षेत्र के निवासी नहीं हैं लेकिन PM Kisan Samman Nidhi Yojana Regitration के लिए आवेदन कर चुके हैं। वहीं कई ऐसे आवेदक भी हैं जिन्होंने कई बार आवेदन किया है। इन सभी खाताधारकों के सत्यापन के बाद डाटा फीडिंग (data feeding ) का कार्य कृषि विभाग को दिया गया था, लेकिन उनके द्वारा सत्यापन का कार्य पूरा नहीं हो सका। इसी वजह से DM के निर्देश पर SDM ने राजस्व विभाग के जरिए जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में SDM ने बताया कि 122 गांवों के 94 हजार खाताधारकों के सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं।

किसान योजना के सत्यापन में 50 प्रतिशत डाटा गलत

रौनापार (आजमगढ़) : शासन के निर्देश पर PM Kisan Samman Nidhi के आंकड़ों की जांच की जा रही है. Sagadi tehsil के 756 गांवों के डाटा सत्यापन में 50 प्रतिशत Kisan Samman Nidhi प्राप्तकर्ताओं के अभिलेखों के मिलान में बड़े पैमाने पर विसंगति पाई गई है। सगडी तहसील के 145756 किसानों को Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi का भुगतान किया जाता है। वर्तमान में इसका सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन के दौरान कई खामियां मिलीं।

तहसीलदार सगड़ी शक्ति प्रताप सिंह ने बताया कि 27 अगस्त तक Kisan Samman Nidhi प्राप्त करने वाले सभी किसानों के डाटा की जांच होनी है। verification का काम लगभग पूरा हो गया है। 50 से 60 फीसदी किसानों के डेटा का मिलान नहीं हो रहा है. ऐसे किसानों का डाटा कृषि विभाग को लौटाया जा रहा है। कृषि विभाग बैंक के सहयोग से किसानों के अभिलेखों की जांच कर मिलान करेगा। जांच के दौरान किसी भी तरह का पैसा नहीं रोका जाएगा। जांच के बाद यदि कोई विसंगति पाई जाती है तो अपात्र व्यक्ति को सम्मान निधि से वंचित कर दिया जाएगा।

लाभार्थी किसानों के कागज और जमीन की जांच

Media News के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने PM Kisan Samman Yojana के लाभार्थी किसानों के रिकॉर्ड की जांच करने का आदेश दिया है, यानी अब यहां के लाभार्थी किसानों के कागज और जमीन की जांच होगी। उत्तर प्रदेश सरकार (UP Govt) ने कृषि विभाग के अधिकारियों को योजना के लिए आवेदन करने वाले सभी किसानों के भूमि रिकॉर्ड की मैपिंग करने का आदेश दिया है। इससे यह पता चल सकेगा कि इस योजना का लाभ प्राप्त करने वाले किसान पात्र हैं या नहीं।

सरकार उन किसानों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जो इस योजना का गलत तरीके से लाभ उठाते हुए पाए गए हैं। यहां तक कि अब तक की सारी किश्त भी उनसे वसूल की जाएगी। दरअसल, हर व्यक्ति जिसके पास कृषि योग्य जमीन है, वह PM Kisan Samman Nidhi Scheme का लाभ नहीं ले सकता। इसके लिए सरकार ने कुछ खास नियम व शर्तें रखी हैं। CBDT की नई अधिसूचना के अनुसार, अब इलेक्ट्रॉनिक रूप से रिटर्न प्रस्तुत करने की तारीख वही मानी जाएगी जब फॉर्म आईटीआर-वी इलेक्ट्रॉनिक रूप से डेटा के प्रसारण की तारीख से 30 दिनों के भीतर जमा किया जाता है।

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