PM Kisan Registration: 80 लाख से ज्यादा किसानों के फंसे आवेदन, चेक करें ?

PM Kisan Registration 2022: राज्य के 80 लाख से अधिक किसानों के आवेदन अपात्रता में फंस चुके हैं. इन किसानों ने किसान सम्मान निधि के लिए पीएम किसान पोर्टल पर आवेदन किया है। लेकिन ये सब लंबित है और इसका कारण मौजूदा लाभार्थियों का सत्यापन है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 31 मई की समय सीमा तय की है, लेकिन 53 फीसदी किसान ही PM Kisan eKYC Register कर पाए हैं

केंद्र सरकार pmkisan.gov.in pm kisan samman nidhi के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये दे रही है। इस समय राज्य के 2 करोड़ 55 लाख किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। हर जगह अपात्र लोगों द्वारा सम्मान निधि का पैसा लेने की शिकायत के बाद केंद्र सरकार ने सभी के सत्यापन का आदेश दिया है। यह काम इस महीने के अंत तक पूरा करना है। लेकिन इसकी गति धीमी होती है। अब तक 3 लाख 15 हजार 10 हितग्राही अपात्र पाये गये हैं। जिनसे दी गई राशि की वसूली भी की जाएगी। इस बीच पीएम किसान पोर्टल पर 80 लाख से ज्यादा किसानों ने नए आवेदन (pm kisan online new registration) भी किए हैं।

सत्यापन के बाद ही इन लोगों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो पाएगा, लेकिन पुराने लाभार्थियों की वजह से यह काम शुरू नहीं हो पाया है। इन आवेदनों का सत्यापन कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा किया जाना है।

PM Kisan Registration

30 जून तक सत्यापन का निर्देश

मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन नए आवेदक किसानों की पात्रता का परीक्षण प्राथमिकता के आधार पर कराएं. पात्र किसानों के अभिलेखों का सत्यापन करने के बाद उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा। बहरहाल, इस कार्य को 30 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों को नोटिस, पैसे नहीं लौटाने पर होगा एक्शन

अपात्र किसानों को नोटिस भेजा जा चुका है। ये अपात्र किसान सरकार के नियमों की अनदेखी कर संबंधित जानकारी छिपाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे थे। शासन द्वारा जारी पत्र के आलोक में जिला प्रशासन ने योजना का लाभ लेने वाले अपात्र किसानों सेराशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगर किसान सरकार का पैसा वापस नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जो किसान योजना की राशि वापस नहीं करेंगे, उनके खिलाफ स्थानीय थानों में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी। बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार हर साल तीन किस्तों में किसानों के खाते में छह हजार रुपये भेज रही है

10 हजार से अधिक पेंशन पाने के अयोग्य

यदि कोई व्यक्ति खेत का मालिक है, लेकिन उसे प्रति माह 10 हजार रुपये से अधिक की पेंशन मिलती है, तो वह इस योजना का लाभार्थी नहीं हो सकता। इनकम टैक्स देने वाले परिवारों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यदि किसान कृषि कार्य के स्थान पर कृषि योग्य भूमि का उपयोग अन्य कार्यों के लिए कर रहे हैं तो उन्हें भी योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। वे किसान जो दूसरों के खेतों पर खेती का काम करते हैं, लेकिन वह खेत का मालिक नहीं है, फसल का कुछ हिस्सा या पैसा जमीन के मालिक को दे देते हैं, तो ऐसे किसान इस योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं।

भूमि आवेदक के नाम पर होनी चाहिए

Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana pmkisan.gov.in का लाभ लेने के लिए किसान के पास कृषि योग्य जमीन होनी चाहिए। यदि कोई किसान खेती कर रहा है, लेकिन खेत उसके नाम पर नहीं है, तो उसे लाभ नहीं होगा। खेत भले ही उनके पिता या दादा के नाम पर हो लेकिन वह पीएम किसान योजना का लाभ नहीं ले सकते। सरकार के नियम बताते हैं कि सरकार को आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले किसान प्रधानमंत्री किसान निधि योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे।

सीओ से लेकर डीएम तक कर रहे जांच

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ हेतु किसानों द्वारा किये गये ऑनलाइन आवेदनों की प्रशासन द्वारा कई स्तरों पर जांच की जा रही है. जिला कृषि कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों द्वारा ऑनलाइन आवेदन करने पर पहले कृषि समन्वयक, फिर सीओ, फिर जिला कृषि अधिकारी, फिर एडीएम व डीएम को आवेदन की जांच कर भेजने का प्रावधान है. योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को भूमि रसीद, किसान का पंजीकरण एलपीसी एवं कृषि विभाग के पोर्टल पर अपडेट करवाना होगा।

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