इंतजार खत्‍म, PM Kishan Nidhi पर कृष‍ि मंत्री का ऐलान

PM Kishan Nidhi yojana की 11वीं किश्त पर देशभर के 12.50 करोड़ किसानों का इंतजार खत्म होने वाला है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया है कि 11वीं किस्त पीएम मोदी कब जारी करेंगे? दरअसल, पीएम किसान का पैसा 1 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच आना है। जिसके लिए किसान लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह (Narendra Singh Tomar) ने 11वीं किस्त के हस्तांतरण की तारीख के बारे में बताया है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने यह घोषणा मध्य प्रदेश में आयोजित एक कृषि कार्यक्रम में की। वह वर्चुअली इस कार्यक्रम में शामिल थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के लिए ‘किसान सम्मान निधि कार्यक्रम’ का ऐलान किया था। Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana pmkisan.gov.in के तहत हर साल किसानों को 3 समान किश्तों में 6 हजार रुपये दिए जाते हैं।

PM Kishan

31 मई को आएगा पैसा?

उन्होंने यह भी बताया कि pm kisan samman nidhi की 11th kist Update 31 मई को फिर से देने जा रहे हैं. आपको बता दें कि साल 2021 में 15 मई को सरकार की ओर से किसानों के खातों में 2000 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। 15 मई नजदीक आने पर लाभार्थी किसान 11वीं किश्त का इंतजार कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री द्वारा तिथि की घोषणा के बाद इंतजार और बढ़ जाएगा।

PM Kishan Nidhi E-KYC की जरूरत

आपको बता दें कि इस बार 11वीं किस्त का फायदा उठाने के लिए PM Kisan e-KYC Process करना जरूरी है। बताया जा रहा है कि साढ़े 12 करोड़ में से करीब 80 प्रतिशत किसानों ने अपनी pm Kisan ekyc online process @pmkisan.gov.in प्रक्रिया पूरी कर ली है। आप pm Kisan ekyc process ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से कर सकते हैं। इसके अलावा आप घर बैठे पीएम किसान की वेबसाइट पर जाकर pm Kisan Samman Nidhi Yojana ekyc कर सकते हैं।

भारत सरकार (कृषि और कृषि कल्याण मंत्रालय) नई दिल्ली ने काफी समय पहले दिल्ली एनसीआर के सभी जिलों के कृषि निदेशक, उप कृषि को पत्र जारी किया था। इसमें सभी किसानों को अपने खाते का e-KYC कराने के निर्देश दिए गए थे. इसमें कहा गया कि 11वीं किस्त का पैसा मिलने से पहले किसान अपने खाते को आधार से लिंक कर NPCI से आधार सीडिंग करवा लें, अन्यथा भविष्य में किसान सम्मान निधि की कोई किस्त नहीं मिलेगी

दरअसल, पीएम किसान योजना के तहत हर साल सीधे किसानों के खाते में 6 हजार रुपए की राशि भेजी जाती है। यह राशि हर चार महीने के अंतराल पर दो हजार रुपए की जाती है। इससे पहले योजना की 10वीं किस्त का पैसा किसानों के खाते में 1 जनवरी 2022 को भेजा जाता था। अब किसान kisan status 11th kist के पैसे का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि जल्द ही PM KISAN SCHEME 2022 11th kist की राशि खाते में भेज दी जाएगी।

किसान अपने नजदीकी जन सुविधा केंद्र या जन सेवा केंद्र और कैफे में जाकर अपना Pm Kisan ekyc Update 2022 करा सकते हैं। इसके लिए आधार नंबर के साथ लिंक अपना आधार और मोबाइल नंबर साथ रखना जरूरी होगा। किसान खुद भी PMKISAN.gov.in पर जाकर अपना ई-केवाईसी कर सकते हैं। सभी किसान अपना आधार बैंक में जाकर, खाते का केवाईसी और एनपीसीआई से खाता सीड कराकर अपना आधार बनवा सकते हैं।

apply for pm kishan Samman Nidhi Scheme 2022 के तहत पंजीकृत किसान 11वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इससे पहले किसानों को ई-केवाईसी (PM Kisan ekyc kaise kare) करना होगा अन्यथा वे सम्मान निधि से वंचित हो जाएंगे। पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ सही और पात्र किसानों को देने और धोखाधड़ी रोकने के लिए ई-केवाईसी आवश्यक है।

सोशल ऑडिट टीम जा रही घर-घर

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने का यह सुनहरा मौका है। गांव-गांव पहुंच रही है सोशल ऑडिट टीम यह टीम अपात्र पाये जाने के साथ ही नई सूची में उन लोगों के नाम भी शामिल करेगी, जिन्हें अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है. योजना का सोशल ऑडिट भारत सरकार के निर्देश पर किया जा रहा है। इसमें कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ लेखपाल आदि होंगे।

social audit टीम योजना का लाभ प्राप्त करने वाले किसानों की जानकारी देगी। अगर लाभार्थी अपात्र पाया जाता है तो उसे Samman Nidhi की राशि लौटानी होगी। टीम योजना के लाभ से वंचित पात्र लाभार्थियों की पहचान भी करेगी। एक मई से ग्राम पंचायतवार ऑडिट शुरू हो गया है. ऑडिट 30 मई तक चलेगा. उप कृषि निदेशक रितुषा तिवारी ने बताया कि ग्राम सभा में लाभार्थियों की सूची पढ़कर सुनायी जायेगी.

जिन किसानों की मौत हुई है और उनके नाम लिस्ट में हैं उनका नाम भी किसान सम्मान निधि की सूची से कट जाएगा। ऐसे परिवारों की भी जांच की जाएगी, जहां एक से ज्यादा व्यक्ति किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। किसी एक गाँव की उपलब्ध सूची में ऐसे किसान होने चाहिए जो वास्तव में उस गाँव, तहसील या जिले के निवासी न हों, बल्कि किसी अन्य स्थान के निवासी हों, लेकिन उनकी भूमि उस गाँव में हो। आवासीय पते के आधार पर ऐसे किसानों को अपात्र नहीं बनाया जाएगा। भूमि अभिलेखों के आधार पर उनकी पात्रता की जांच करने के बाद निर्णय लिया जाएगा।

close button