SSY Rules: सुकन्या समृद्धि योजना में हुए 5 बड़े बदलाव, फटाफट करें चेक

SSY Rules: हाँ सही सुना आपने, आज की धमाकेदार खबर में हम बताने जा रहे हैं सुकन्या समृद्धि योजना में हुए लेटेस्ट अपडेट को । सरकार समय समय पर योजनाओं को लेकर अपडेट करती रहती है तो आइये जानें SSY Rules लेटेस्ट बदलावों को:

सरकार द्वारा सितंबर में समाप्त तिमाही में ब्याज दर (Interest Rate hike update) में वृद्धि की घोषणा करने की उम्मीद है। केंद्र की बेटियों के लिए चलाई जा रही इस SSY Yojana पर फिलहाल 7.60 फीसदी की दर से ब्याज दर है।

SSY Rules

इसमें निवेश करने पर आपको सेक्शन 80C के तहत इनकम टैक्स (Income Tax) से छूट भी मिलती है। आइए जानते हैं SSY में 5 बड़े बदलावों के बारे में:

Sukanya Samriddhi Yojana Rules: सुकन्या समृद्धि योजना के नए नियमों के तहत खाते में गलत ब्याज वापस करने के प्रावधान को हटा दिया गया है। इसके अलावा प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में खाते का वार्षिक ब्याज जमा किया जाएगा। पहले इसे तिमाही आधार पर खाते में क्रेडिट किया जाता था।

नियम के तहत बेटी 10 साल में खाता चला सकती है

Sukanya operate the account in 10 years: पहले के नियमों के तहत बेटी 10 साल में खाता संचालित कर सकती थी। लेकिन नए नियमों में इसे बदल दिया गया है. अब बेटियों को 18 साल की उम्र से पहले खाता चलाने की अनुमति नहीं है। केवल अभिभावक ही 18 वर्ष की आयु तक खाते का संचालन करेंगे।
सुकन्या समृद्धि योजना के खाते में सालाना न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा करने का प्रावधान है। न्यूनतम राशि जमा नहीं होने पर खाता डिफॉल्ट करता है। नए नियमों के तहत खाता दोबारा सक्रिय नहीं होने पर खाते में जमा राशि पर मैच्योरिटी तक लागू दर से ब्याज मिलता रहेगा। ऐसा पहले नहीं था।

कर में भारी छूट; तीसरी बेटी के जन्म पर भी खोला जा सकेगा SSY Account

पहले 80C के तहत टैक्स छूट (tax exemption) का लाभ सिर्फ दो बेटियों के खाते पर ही मिलता था। लेकिन अब सुकन्या समृद्धि योजना का खाता तीसरी बेटी के जन्म पर भी खोला जा सकेगा। दरअसल, अब पहली बेटी के बाद पैदा होने वाली दो जुड़वां बेटियों के लिए खाता खोलने का प्रावधान है। इस तरह एक व्यक्ति तीन बेटियों के लिए खाता खोल सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना का खाता बेटी की मृत्यु या बेटी के आवास परिवर्तन पर पहले बंद किया जा सकता था। लेकिन अब खाताधारक की जानलेवा बीमारी भी इसमें शामिल हो गई है। अभिभावक की मृत्यु होने पर भी खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है।

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नोट-यह न्‍यूज वेबसाइट से मिली जानकारियों के आधार पर बनाई गई है. SarkariiYojana.in अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।

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