महा बचत: SSY के तहत 68 लाख रूपये पाएं, बस करने होंगे हर महीने इतने जमा

SSY Sukanya Samriddhi Account : बेटी मां का रूप होती है। नवरात्र में ऐसा देखने को मिलता है। नवरात्र में कन्याओं की पूजा की जाती है, उनका आशीर्वाद लिया जाता है। तथा उपहार दिये जाते हैं। लोगों ने डाक विभाग की सुकन्या समृद्धि योजना की ओर रुख किया है ताकि यह तोहफा उनके पूरे जीवन में काम आ सके। जयपुर शहर में नवरात्र के दौरान लोगों ने 830 खाते खोले, जिसमें 11 तारीख को मात्र 1 दिन में 400 से ज्यादा खाते खुल गए.

नवरात्रि में पूजा करने, भोजन कराने और उपहार देने के साथ-साथ अब एक नया चलन शुरू हो गया है। जिसमें भामाशाहों द्वारा जरूरतमंद परिवारों की बालिकाओं के डाक विभाग की Sukanya Samriddhi Yojana में नए खाते खोले जा रहे हैं. उनकी शादी के लिए छोटी बचत से पैसा जमा किया जा रहा है। इन खातों को खोलने के लिए डाकघर भी अभियान चला रहा है। इसमें जनप्रतिनिधि से लेकर ग्रामीण अंचल के अधिकारी अनाथ बेटियों का खाता खोलकर मिसाल कायम कर रहे हैं।

डाक विभाग जयपुर की वरिष्ठ अधीक्षक प्रियंका गुप्ता ने कहा कि डाक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से भामाशाहों और लोगों से संपर्क कर उन्हें खाता खुलवाने के लिए प्रेरित किया गया कि लड़कियों का खाता खुलवाकर वे इसमें योग्यता अर्जित कर सकें | ऐसे में कई भामाशाह आगे आए हैं और बच्चियों के लिए पैसे जमा कर रहे हैं. जिले में 60 हजार खाते सुकन्या समृद्धि योजना के तहत हैं।

SSY – डाक विभाग की ओर से सितंबर से विशेष कैंप का आयोजन

डाक विभाग की ओर से सितंबर माह से एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया था। जिसके माध्यम से लोगों को घर-घर जाकर सुकन्या योजना में अधिक से अधिक खाते खोलने के लिए जागरूक किया गया, जिसके अंतर्गत जयपुर शहर में 4000 से अधिक सुकन्या योजना में बच्चों के खाते खोले गए। घर-घर जाकर अस्पतालों से भी संपर्क किया गया। अस्पताल से 1 साल तक के बच्चों का डाटा मांगा गया। उसके बाद जयपुर शहर में 60 हजार से अधिक सुकन्या योजना में खाते खुल चुके हैं।

डाक विभाग जयपुर की वरिष्ठ अधीक्षक प्रियंका गुप्ता के मुताबिक सुकन्या योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं. सुकन्या योजना के फार्म भी डाक विभाग के अधिकारी भरते हैं। जिससे आम आदमी को कोई परेशानी न हो। डाकिया जिस घर में डाक बांटने जाता है उस घर से लड़की होने की जानकारी भी लेता है और उसे योजना के लाभों के बारे में बताता है।

डाकिया के पास भी फॉर्म होते हैं, जिन्हें मौके पर ही भरकर बच्ची का खाता खुलवा दिया जाता है। इस योजना को आगे ले जाने के लिए जयपुर शहर के भामाशाह से भी संपर्क किया गया है. पहली राशि के लिए भामाशाह को प्रेरणा मिली है। वह एक लड़की पर 250 रुपये खर्च कर सुकन्या योजना में उसका खाता खुलवाएं। उसके बाद घरवाले 1 साल के भीतर 1500 रुपये जमा कर खाते को एक्टिवेट कर देते हैं।

Sukanya Samriddhi Yojana Account Opening Process

जो भी राशि जमा की जाती है वह ब्याज सहित बालिकाओं को दी जाती है | अगर आप 18 साल की उम्र में बेटी की शादी करवाना चाहते हैं तो आपको बेटी का शादी का कार्ड पोस्ट ऑफिस में जमा करना होगा। उसके बाद जो भी राशि जमा की जाती है उसे ब्याज के साथ बालिका को दिया जाता है। Sukanya Samriddhi Yojana में 1 दिन से लेकर 10 साल तक की बालिकाओं का खाता खुलवाया जा सकता है।

खाता केवल 250 रुपये से खोला जा सकता है, जिसमें सालाना 250 से 1.5 लाख रुपये तक जमा किया जा सकता है। जमा राशि लड़की की शादी या 21 साल की उम्र पर ब्याज के साथ दी जाती है, Sukanya Samriddhi Yojana में 7.06 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है।

सुकन्या योजना में उन्हें पैसा या उपहार देने की बजाय सुकन्या योजना का खाता खुलवाना चाहिए. यह उनके लिए जिंदगी भर के लिए एक अच्छा तोहफा साबित हो सकता है। जन्मदिन पर दादा-दादी या परिवार का कोई भी सदस्य स्मारक के रूप में बच्चों का खाता खोल सकता है। भारतीय समाज में बेटियों के नाम पर कुछ भी जमा नहीं किया जाता है। सुकन्या अकाउंट ही एक ऐसा माध्यम है जो बेटी के जन्म के साथ ही उसे यह अकाउंट गिफ्ट कर सकता है।

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