UGC Dual Degree Program: UGC लेकर आया है Dual Degree Program, ऐसे उठाएं लाभ

UGC Dual Degree Program : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) छात्रों के लिए विदेश में पढ़ने का सपना पूरा कर रही है। अब छात्रों को विदेश में पढ़ने के लिए चिंता करने की जरुरत नहीं है। UGC इन छात्रों को देश में रहकर ही दुनिया के अच्छे से अच्छे विद्यालयों में पढ़ाई करने का सपना पूरा कर सकते हैं। UGC ने 19 अप्रैल को एक बैठक किया है जिसमें डुअल डिग्री प्रोग्राम (Dual Degree Program) के प्रावधान सहित कुछ प्रमुख संशोधनों को मंजूरी दे दी है।

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UGC Dual Degree Program

UGC के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने मीडिया के साथ एक ऑनलाइन बातचीत में कहा कि यूजीसी ने 19 अप्रैल 2022 को अपनी 557 वीं आयोग की बैठक में नए नियमों को अपनाया। नए नियमों द्वारा डुअल डिग्री प्रोग्राम (Dual Degree Program) भारतीय और विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच एक समझौता ज्ञापन के माध्यम से किया जाएगा। जहां छात्र को विदेश में एक या दो सेमेस्टर का अध्ययन करने और 30 प्रतिशत से अधिक क्रेडिट स्कोर पूरा करने की अनुमति होगी।

कैसे होंगे कोर्स डिजाइन

डुअल डिग्री प्रोग्राम

डुअल डिग्री प्रोग्राम (Dual Degree Program) में एक भारतीय और दूसरा फॉरेन यूनिवर्सिटी में डिग्री कराई जाएगी। दोनों यूनिवर्सिटी अलग अलग डिग्री जारी करेगी। लेकिन इसमें सब्जेक्ट एक ही होगा। इसके लिए 30 प्रतिशत से अधिक क्रेडिट स्कोर पूरा करना होगा।

टविन डिग्री प्रोग्राम

टविन डिग्री प्रोग्राम एक तरह का एक्सचेंज प्रोग्राम है। इस प्रोग्राम में कुछ सेमेस्टर की पढ़ाई करने के लिए छात्रों को फॉरेन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने जाना होगा। इसके लिए भी 30 प्रतिशत से अधिक क्रेडिट स्कोर पूरा करना होगा।

ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम

ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम (Joint Degree Program) में एक भारतीय और दूसरा फॉरेन यूनिवर्सिटी मिलकर डिग्री प्रोग्राम चलाएंगे। ये डिग्री इंडियन यूनिवर्सिटी की होगी। लेकिन उसमें दोनों यूनिवर्सिटी का लोगों होगा। इस डिग्री प्रोग्राम के लिए भी 30 – 30 फीसदी क्रेडिट स्कोर दोनों यूनिवर्सिटी से प्राप्त होगा।

कैसे दी जाएगी डिग्री

2016 के नियमों के अनुसार केवल वे संस्थान जो वैश्विक रैंकिंग के शीर्ष 500 में रैंक करते हैं जैसे कि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग या टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग, भारतीय विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए पात्र होंगे। हालाँकि इन मानदंडों को अब और संस्थानों को अर्हता प्राप्त करने के लिए शीर्ष 1000 में रैंक करने की आवश्यकता है। भारतीय संसथान का न्यूनतम स्कोर 3.01 होना चाहिए।

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