Notifications
×
Subscribe
Unsubscribe

7th pay Commission: मोदी सरकार ने कही ये बात- आठवां वेतन आयोग, आया नया अपडेट

7th pay Commission Latest Update: 8th Pay Commission को लेकर काफी समय से चर्चा चल रही है। उनके बारे में आए दिन मीडिया में खबरें आती रहती हैं, लेकिन यह लागू होगा या नहीं, इसको लेकर संशय बना हुआ था। लेकिन अब मोदी सरकार (Modi Government )की ओर से इस संबंध में एक नया अपडेट आया है, इसमें सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 8th Pay Commission नहीं आने वाला है।

वित्त राज्य मंत्री ने संसद में दिया इसका जवाब

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से ऐसे किसी भी दावे को निराधार बताया गया है, जिसमें केंद्र सरकार के कर्मचारियों ( Central Govt Employees) और पेंशनभोगियों (Pensioners) के वेतन, भत्ते और पेंशन में संशोधन के लिए 8th Central Pay Commission लाने की बात चल रही है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है

7th pay Commission

सरकार ने ठुकरा दिया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से पूछा गया कि क्या यह सच है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों (CG Employees) और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन को संशोधित करने के लिए सरकार 8th Pay Commission को लागू करने पर विचार कर रही है। इस पर सरकार की ओर से कहा गया था कि यह नहीं आने वाली है।

इस फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जा सकता है

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि यह सुझाव दिया गया है कि समय-समय पर वेतन मैट्रिक्स (Pay-Matrics) में बदलाव होना चाहिए और इसके लिए अगले वेतन आयोग (Next Pay Commission )की कोई आवश्यकता नहीं है। ऐसे में एक्रोयड फॉर्मूले के आधार पर इसकी समीक्षा और संशोधन किया जा सकता है, जो कि सामान्य है।

Fitment Factor पर फैसला

7th Pay Commission की सिफारिशें केंद्र सरकार के कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर लागू होती हैं। लेकिन, कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सिफारिशों के मुकाबले कम वेतन मिल रहा है। वेतन घटकों को लाभ मिल रहा है, लेकिन सिफारिश से बहुत कम। फिलहाल न्यूनतम वेतन सीमा 18000 रुपये से शुरू हो रही है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका fitment factor की है। फिलहाल fitment factor 2.57 गुना है। 7th Pay Commission आयोग की सिफारिशों में इसे 3.68 गुना तक रखा गया है।

अगर इतना बढ़ा दिया जाए तो न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये से बढ़कर 26,000 रुपये हो सकता है। ऐसे में अब कर्मचारियों में 8th Pay Commission को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कर्मचारी संघ (employees union) के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यूनियन जल्द ही एक नोट तैयार करके सरकार को सौंपने जा रही है। अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो जल्द ही आंदोलन किया जाएगा। इसमें पेंशनर्स भी शामिल हैं।

DA में संभावित वृद्धि

बढ़ती महंगाई को देखते हुए उम्मीद की जा रही थी कि अगस्त की शुरुआत में केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी डीए (महंगाई भत्ता) और डीआर (महंगाई राहत) में 4 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकते हैं। हालांकि अभी इस पर फैसला नहीं लिया गया है। अगर सरकार डीए बढ़ाती है तो केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी होगी।

क्या 8th pay commission आएगा?

8th pay commission को लेकर कई बार चर्चा हो चुकी है। लेकिन, यह आएगा या नहीं, इसको लेकर काफी कंफ्यूजन है। ऐसे किसी भी मामले में सरकार ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। हालांकि, former Finance Minister Arun Jaitley ने जुलाई 2016 में कहा था- अब वेतन आयोग (Pay Commission) के अलावा कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने पर विचार कर रहा हूं। ऐसा नहीं है कि वेतन लंबे समय से चले आ रहे पैमाने पर तय किया जाए। इसलिए वेतन वृद्धि के लिए एक नया पैमाना होना चाहिए। सूत्रों की माने तो सरकार अब नया वेतन आयोग लाने के पक्ष में नहीं है। संघ का कहना है कि अगर सरकार DA arrear, fitment factor जैसे मुद्दों को नहीं सुनती है तो वे 8th pay commission की घोषणा करें।

इंक्रीमेंट के लिए नई व्यवस्था लाने पर विचार

सूत्रों के मुताबिक 7th pay commission के बाद अब Next Pay Commission आना मुश्किल है। सरकार इस दिशा में 68 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 52 लाख पेंशनभोगियों के लिए एक ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर काम कर रही है, जिसमें डीए 50 फीसदी से ज्यादा होने पर वेतन में स्वत: संशोधन होगा। इसके लिए ‘automatic pay revision system’ बनाया जा सकता है। हालांकि इस पर सरकार की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। जब अंतिम फैसला हो जाएगा तो सरकार इसे आधिकारिक बनाएगी और अधिसूचना भी जारी की जाएगी।

किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, मध्यम स्तर के कर्मचारियों के साथ-साथ निचले स्तर के कर्मचारियों के वेतन में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए। नए फॉर्मूले के बाद लंबे समय से आय के ध्रुवीकरण की प्रवृत्ति और केंद्र सरकार के विभागों में सिकुड़ते मध्य स्तर को देखते हुए, ऐसा प्रतीत होता है कि व्यापक मध्य-स्तर के कर्मचारियों के स्तर पर ग्रोथ नजर नहीं आएगी। हालांकि निचले स्तर के कर्मचारियों को इसमें फायदा दिख सकता है।

बेसिक सैलरी में बढ़ सकती है 3000 रुपये?

Pay-Level Matrix 1 से 5 तक केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 21 हजार के बीच हो सकता है। वेतन आयोग का रुझान देखा जाए तो यह हर 8-10 साल में लागू होता है। लेकिन, इस बार इसे बदला जा सकता है और साल 2024 में एक नया फॉर्मूला लागू किया जा सकता है। सरकारी कर्मचारियों के मुताबिक सैलरी करीब तीन गुना होनी चाहिए। 7th pay commission में सबसे कम बढ़ोतरी की गई है।

Home PageClick Here
close button