EPFO Pension Scheme: खुशखबरी! दोगुनी होगी अब पेंशन! जानें EPS Latest Update

EPFO Pension Scheme: कर्मचारी के रिटायरमेंट (retirement) पर पेंशन तय होती है। लेकिन, चूंकि एक सीमा होती है, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन बहुत अधिक नहीं होती है। इसलिए यह सीमा हटाने की मांग की जा रही है।

Employees Pension Scheme (EPS) के तहत निवेश की सीमा जल्द ही हटाई जा सकती है। इस सिलसिले में अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। बताया जा रहा है कि इस पर जल्द ही फैसला लिया जा सकता है। लेकिन इस सुनवाई और इस मामले का आपसे क्या लेना-देना है और इसका आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, आइए हम आपको समझाते हैं।

EPFO Pension Scheme

क्या है EPS की लिमिट (EPS limit) हटाने का मामला?

इस मामले पर आगे बढ़ने से पहले ये जान लेते हैं कि आखिर क्या है ये पूरा मामला. फिलहाल, अधिकतम पेंशन योग्य वेतन (maximum pensionable salary) 15,000 रुपये प्रति माह तक सीमित है। मतलब आपकी सैलरी जो भी हो, लेकिन पेंशन की गणना सिर्फ 15,000 रुपये के हिसाब से की जाएगी। इस लिमिट को हटाने का मामला कोर्ट में चल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 12 अगस्त को भारत संघ और Employees’ Provident Fund Organization (EPFO) द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई स्थगित कर दी थी, जिसमें कहा गया था कि कर्मचारियों की पेंशन (pension of employees) 15,000 रुपये तक सीमित नहीं हो सकती है। कोर्ट में इन मामलों की सुनवाई चल रही है।

अब EPS के संबंध में क्या नियम हैं?

जब हम कोई नौकरी शुरू करते हैं और EPF के सदस्य बनते हैं, तो हम EPS के भी सदस्य बन जाते हैं। कर्मचारी अपने वेतन का 12% EPF में देता है, उसकी कंपनी भी उतनी ही राशि देती है, लेकिन उसका 8.33 प्रतिशत हिस्सा भी EPS में जाता है।

जैसा कि हमने ऊपर उल्लेख किया है कि वर्तमान में अधिकतम पेंशन योग्य वेतन केवल 15 हजार रुपये है यानी हर महीने पेंशन का हिस्सा अधिकतम (15000 का 8.33%) रुपये 1250 है।

यहां तक कि जब कर्मचारी सेवानिवृत्त (employee retires) हो जाता है, तब भी पेंशन की गणना (calculation of pension) के लिए अधिकतम वेतन पर विचार किया जाता है। इसके अनुसार एक कर्मचारी को EPS के तहत अधिकतम 7,500 रुपये पेंशन मिल सकती है, अगर यह 15 हजार रुपये है।

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ऐसे होती है pension calculation?

एक ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि आपने 1 सितंबर 2014 से पहले EPS में योगदान देना शुरू कर दिया है, तो आपके लिए पेंशन योगदान (pension contribution) के लिए मासिक वेतन की अधिकतम सीमा 6500 रुपये होगी। यदि आप 1 सितंबर 2014 के बाद EPS में शामिल हुए हैं तो अधिकतम वेतन सीमा (maximum salary limit) 15,000 होगा। अब देखिए पेंशन कैसे कैलकुलेट होती है।

EPS Calculation Formula

मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन x EPS योगदान का वर्ष)/70
यहां मान लें कि कर्मचारी ने 1 सितंबर, 2014 के बाद EPS में योगदान देना शुरू किया, तो पेंशन योगदान 15,000 होगा
मान लीजिए उसने 30 साल काम किया है।
मासिक पेंशन = 15,000X30/70 = रु 6428

Maximum and Minimum Pension

एक और बात याद रखने वाली है कि कर्मचारी की 6 माह या उससे अधिक की सेवा को 1 वर्ष माना जाएगा और यदि यह कम है तो उसकी गणना नहीं की जाएगी। यानी अगर कर्मचारी ने 14 साल 7 महीने काम किया है तो उसे 15 साल माना जाएगा।

लेकिन अगर आपने 14 साल 5 महीने काम किया है तो सिर्फ 14 साल की सर्विस ही गिना जाएगा। EPS के तहत न्यूनतम पेंशन राशि 1000 रुपये प्रति माह है, जबकि अधिकतम पेंशन 7500 रुपये है।

8,571 को मिलेगी पेंशन

अगर 15 हजार की सीमा हटा दी जाती है और आपका मूल वेतन 20 हजार रुपये हो जाता है, तो आपको सूत्र के अनुसार (20,000 x 30)/70 = 8,571 रु पेंशन मिलेगी।

पेंशन के लिए मौजूदा शर्तें (EPS)

  • pension के लिए EPF का सदस्य होना जरूरी है
  • नौकरी में कम से कम 10 नियमित वर्षों से होना चाहिए
  • पेंशन तब मिलती है जब कर्मचारी 58 वर्ष का हो जाता है
  • 50 वर्ष के बाद और 58 वर्ष की आयु से पहले भी पेंशन लेने का विकल्प है
  • ध्यान रहे कि आपको पहली पेंशन पर कम पेंशन मिलेगी और इसके लिए आपको Form 10D भरना होगा
  • कर्मचारी की मौत होने पर परिवार को पेंशन मिलती है
  • अगर सर्विस हिस्ट्री 10 साल से कम है तो उन्हें 58 साल की उम्र में पेंशन की रकम निकालने का विकल्प मिलेगा
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