Employee Pension Scheme: आपकी पेंशन इस फॉर्मूले से समझें- 30,000 X 30/70 = ₹12,857

Employee Pension Scheme (EPS) पर लगी कैपिंग हटाने पर फैसला जल्द हो सकता है। काफी समय से अटके इस मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की बेंच फैसला ले सकती है। हालांकि यह कहना मुश्किल है कि फैसला किसके पक्ष में लिया जाएगा, लेकिन दोनों पक्षों की ओर से अपनी-अपनी दलीलें पेश की जा चुकी हैं।

Employee Pension Scheme

EPFO के पास फंड नहीं होने के कारण यह मामला पिछले कुछ सालों से लटका हुआ है। उम्मीद की जा रही है कि 15000 रुपये की EPS pension की मासिक कैपिंग पर EPFO का बोर्ड CBT का फैसला लेगा। CBT की अगली बैठक में इसे शामिल किया जा सकता है। भारत संघ और Employees’ Provident Fund Organization (EPFO)की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।

Employee Pension Scheme के संबंध में नियम क्या हैं?

जब कोई कर्मचारी Employee Provident Fund में सदस्य बन जाता है तो वह EPS-Employee pension scheme का भी सदस्य बन जाता है। कर्मचारी के मूल वेतन का 12 फीसदी योगदान PF में जाता है। कर्मचारी के अलावा वही हिस्सा नियोक्ता के खाते में भी जाता है। लेकिन, एंप्लॉयर के योगदान का एक हिस्सा EPS यानी Pension Fund में जमा होता है। मूल वेतन का योगदान ईपीएस में 8.33% है। हालांकि, पेंशन योग्य वेतन की अधिकतम सीमा 15,000 रुपए है। ऐसे में Pension Fund में हर माह अधिकतम 1250 रुपये ही जमा किए जा सकते हैं।

अधिकतम सीमा पर Pension कैसे पाएं?

नियम के मुताबिक अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 15,000 रुपये या इससे ज्यादा है तो 1250 रुपये pension fund में जमा किए जाएंगे. अगर मूल वेतन 10 हजार रुपये है तो अंशदान 833 रुपये ही होगा। कर्मचारी की सेवानिवृत्ति पर पेंशन की गणना को भी अधिकतम 15 हजार रुपए वेतन ही माना जाता है। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को EPS rule के तहत Pension के तौर पर सिर्फ 7,500 रुपये ही मिल सकते हैं।

क्या होगा अगर 15,000 की सीमा हटा दी जाए?

EPFO के सेवानिवृत्त प्रवर्तन कार्यालय भानु प्रताप शर्मा के मुताबिक अगर Pension से 15 हजार रुपये की सीमा खत्म की जाती है तो 7,500 रुपये से ज्यादा पेंशन मिल सकती है. लेकिन, इसके लिए EPS में नियोक्ता के योगदान को भी बढ़ाना होगा।

EPS में Pension की गणना कैसे होती है?

EPS Calculation के लिए Formula = मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन x EPS Account में योगदान के वर्षों की संख्या) / 70।
यदि किसी का मासिक वेतन (पिछले 5 वर्षों के वेतन का औसत) 15,000 रुपये है और नौकरी की अवधि 30 वर्ष है, तो उसे प्रति माह केवल 6,828 रुपये की पेंशन मिलेगी।

Limit हटा दी जाए तो कितनी मिलेगी Pension?

अगर 15 हजार की सीमा हटा दी जाए और आपकी सैलरी 30 हजार हो जाए तो फॉर्मूला के हिसाब से आपको (30,000 x 30) / 70 = 12,857 रुपये पेंशन मिलेगी

Rules for pension withdrawal: क्या हैं पेंशन निकासी के नियम?

अगर आप EPF की राशि निकालना चाहते हैं तो आप अपने खाते में जमा राशि को कभी भी निकाल सकते हैं। चाहे आपकी जॉब 6 महीने की हो या 10 साल की। लेकिन, आपको पेंशन की रकम निकालने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। क्योंकि, इसके लिए कई नियम हैं, जो आपको समझ लेने चाहिए।

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