7th Pay Commission: सैलरी से अलग पाएं 10000 से 30000 तक, शर्ते लागू

7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। अगर आप वेतन, पदोन्नति और महंगाई भत्ते के अलावा अलग से राशि चाहते हैं तो कुछ शर्तों को पूरा कर इसका लाभ उठा सकते हैं। दरअसल, उच्च डिग्री हासिल करने वाले कर्मचारियों को केंद्र सरकार प्रोत्साहन राशि (incentive money ) देती है, पहले 10000 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब केंद्र ने इसे बढ़ाकर दो गुना कर दिया है, जिसके तहत पीएचडी जैसी उच्च डिग्री हासिल करने वाले कर्मचारियों को अब प्रोत्साहन राशि 30,000 रुपये तक दिए जायेंगे।

सैलरी से अलग पाएं 10000 से 30000 तक रुपए

हाल ही में कार्मिक मंत्रालय ने उच्च डिग्री प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि में वृद्धि कर 20 साल पुराने नियमों में संशोधन किया है। पुराने नियमों के तहत अब तक सेवा के दौरान उच्च डिग्री हासिल करने वाले कर्मचारियों को 2000 रुपये से 10,000 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाती थी। वर्ष 2019 से प्रोत्साहन राशि न्यूनतम 2000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये की गई है, जिसे अब 2022 में 10,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दिया गया है।

7th Pay Commission

इसके तहत अब केंद्र सरकार योग्य सरकारी कर्मचारियों को वेतन और भत्तों के अलावा प्रोत्साहन के रूप में 30 हजार रुपये देगी। डिप्लोमा प्राप्त करने के लिए 15000, 1 वर्ष या उससे कम की पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री / डिप्लोमा प्राप्त करने वालों के लिए 20,000, 1 वर्ष से अधिक की अवधि के स्नातकोत्तर डिग्री / डिप्लोमा करने वालों के लिए 25,000 और पीएचडी करने वालों अथवा इसके समकक्ष योग्यता के लिए 30,000 रुपये।

लेकिन इस प्रोत्साहन राशि को प्राप्त करने के लिए केंद्रीय कर्मचारियों को कुछ शर्तों का पालन करना होगा। कार्मिक मंत्रालय के निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि प्रोत्साहन राशि केवल उन्हीं डिग्री या डिप्लोमा धारकों को दी जाएगी जो कर्मचारी के पद और उसके काम से जुड़े हुए हैं। ये परिवर्तन वर्ष 2019 से प्रभावी हैं। समान शुद्ध शैक्षणिक शिक्षा या साहित्यिक विषयों में उच्च योग्यता प्राप्त करने पर कोई प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए यहां कुछ अच्छी खबरें हैं। सरकार ने नौकरी करते हुए उच्च डिग्री हासिल करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि को 5 गुना तक बढ़ाने का फैसला किया है।

पीएचडी जैसी उच्च डिग्री हासिल करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दिया गया है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने कर्मचारियों को उच्च डिग्री प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के लिए 20 साल पुराने नियमों में संशोधन किया है।

पुराना नियम क्या था?

पुराने नियमों के तहत अब तक नौकरी के दौरान उच्च डिग्री हासिल करने वाले कर्मचारियों को 2,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाती थी। लेकिन, साल 2019 से इस प्रोत्साहन राशि को न्यूनतम 2,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है।

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के सर्कुलर के मुताबिक तीन साल या उससे कम का डिग्री डिप्लोमा हासिल करने पर 10 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिए जाएंगे। वहीं, 3 साल से अधिक की डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त करने पर 15,000 रुपये दिए जाएंगे।

किसे मिलेंगे 30,000 रुपये?

1 वर्ष या उससे कम की स्नातकोत्तर डिग्री/डिप्लोमा प्राप्त करने पर 20,000 रुपये दिए जाएंगे। पीएचडी या इसके समकक्ष योग्यता हासिल करने वालों को 30,000 रुपये दिए जाएंगे

ध्यान में रखने योग्य बातें ?

7वां वेतन आयोग कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि शुद्ध शैक्षणिक शिक्षा या साहित्यिक विषयों में उच्च योग्यता प्राप्त करने के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा।

कर्मचारी द्वारा अर्जित की गई डिग्री/डिप्लोमा कर्मचारी के पद से संबंधित हो या उसके अगले पद पर किए जाने वाले कार्य से संबंधित हो। यह कहता है कि योग्यता और कार्य के बीच सीधा संबंध होना चाहिए। बता दें, ये बदलाव साल 2019 से प्रभावी हैं।

राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं, परीक्षाओं, नवीनतम समाचारों से संबंधित जानकारी के लिए sarkariiyojana.in को बुकमार्क करें।

Leave a Comment

close button