7th Pay Commission: न्यूनतम बेसिक सैलरी होगी 26,000 रूपए?

7th Pay Commission latest news: केंद्र सरकार के कर्मचारी काफी समय से Fitment factor बढ़ाने की मांग कर रहे थे। जल्द ही उन्हें इससे जुड़ी कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आ रही है कि सरकार जल्द ही Fitment factor को बढ़ाने की मंजूरी दे सकती है। सरकारी कर्मचारी संघ लंबे समय से न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़ाकर 26,000 रुपये और फिटमेंट फैक्टर को 2.57 गुना से बढ़ाकर 3.68 गुना करने की मांग कर रहे हैं।

अगर सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी की घोषणा करती है तो उनके वेतन में इजाफा होगा। वर्तमान में कर्मचारियों को फिटमेंट फैक्टर के तहत 2.57 प्रतिशत के आधार पर वेतन मिल रहा है, जिसे बढ़ाकर 3.68 प्रतिशत किया जाता है, तो कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में 8,000 रुपये की वृद्धि होगी। इसका मतलब है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़ाकर 26,000 रुपये कर दिया जाएगा। अभी न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 26000 रुपये किया जाना है।

7th Pay Commission

इतना बढ़ जाएगा वेतन

फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 करने पर कर्मचारियों का मूल वेतन 26,000 रुपये होगा। अभी अगर आपका न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये है, तो आपको भत्तों को छोड़कर 2.57 फिटमेंट फैक्टर के अनुसार 46,260 रुपये (18,000 X 2.57 = 46,260) मिलेंगे। अब अगर फिटमेंट फैक्टर 3.68 है तो आपका वेतन 95,680 रुपये (26000X3.68 = 95,680) होगा।

इतना बढ़ जाएगा वेतन

फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 करने पर कर्मचारियों का मूल वेतन 26,000 रुपये हो जाएगा। अभी यदि आपका न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये है, तो आपको भत्ते को छोड़कर 2.57 फिटमेंट फैक्टर के अनुसार 46,260 रुपये (18,000 X 2.57 = 46,260) मिलेंगे। अब अगर फिटमेंट फैक्टर 3.68 है तो आपका वेतन 95,680 रुपये (26000X3.68 = 95,680) होगा।

केंद्रीय कर्मचारियों को अभी 7th Pay Commission के तहत वेतन और वेतनवृद्धि मिलती है। 7th Pay Commission pay matrix तैयार किया गया है, वह फिटमेंट फैक्टर पर आधारित है। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 को प्रभाव में आया। नया वेतनमान आने के बाद सकल वेतन में 14 फीसदी की वृद्धि हुई। अब केंद्रीय कर्मचारियों के मन में सवाल है कि अगला वेतन आयोग आएगा या नहीं? सरकार के पास प्रमोशन देने और वेतन बढ़ाने का क्या फॉर्मूला होगा?

सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद सरकार ने संकेत दिए थे कि वह वेतन आयोग की व्यवस्था को खत्म कर सकती है। हालांकि इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन, सरकार वेतन आयोग को खत्म करने की तैयारी कर रही है।

ऑल इंडिया ऑडिट एंड एकाउंट्स एसोसिएशन के पूर्व सहायक महासचिव (सहायक महासचिव) हरिशंकर तिवारी ने मीडिया को बताया कि वेतन आयोग की व्यवस्था लंबे समय से है, लेकिन, यह जरूरी नहीं है कि वेतन आयोग का इस्तेमाल वेतन बढ़ाने के लिए किया जाए। इसके लिए सरकार अलग पैमाना भी अपना सकती है। New Pay Commission को लेकर कोई कार्रवाई 2024 के बाद शुरू होगी।

7वें वेतन आयोग की क्या सिफारिशें थीं?

7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को 28 जून 2016 को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 7000 रुपये से बढ़ाकर 18000 रुपये किया गया था। अपनी सिफारिशों में सातवें वेतन आयोग ने भी कहा था कि सरकार वेतन में संशोधन करे। न केवल 10 वर्षों में एक बार बल्कि समय-समय पर कर्मचारियों की।

छठवें वेतनमान में बेसिक कम था

जानकारों के मुताबिक छठे वेतनमान में प्रवेश स्तर पर मूल वेतन 7000 रुपये (पे बैंड 5200+ग्रेड पे 1800) था। वहीं डीए 125% पर मिलता था यानी बेसिक से ज्यादा डीए बना दिया गया था। बाकी भत्तों और कटौतियों को मिलाकर कर्मचारी को महीने में 14,757 रुपये मिलते थे। लेकिन, 7वां वेतनमान (सातवां वेतन आयोग) लागू होने के बाद सकल वेतन में बढ़ोतरी हुई। इसके बाद DA की राशि भी जुड़ जाती है, जो अभी 34 फीसदी है

Leave a Comment

close button