Agnipath Scheme: अग्निवीर योजना (Agniveer Scheme) पे क्यों कर रहे हैं छात्र आक्रोश, जाने विस्तार से

Indian Army Agnipath Scheme: देश के युवाओं की सेना में भागीदारी बढ़ाने और सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए भारत सरकार ने अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) की घोषणा की है। इस योजना के तहत युवाओं को सेना में 4 साल (Agnipath Scheme Job Duration) के लिए नियुक्ति दी जाएगी। अग्निपथ योजना में नियुक्ति के लिए पात्रता अन्य भर्तियों के समान ही होगी। इसके लिए योग्यता 12वीं पास होगी। उम्मीदवारों को शारीरिक मानक के आधार पर आंका जाएगा और शारीरिक दक्षता परीक्षण के आधार पर चयन किया जाएगा। अग्निवीर बनने के लिए उम्मीदवार की आयु साढ़े 17 से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

लेकिन 4 साल बाद 75% को छुट्टी दी जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 4 साल बाद ये युवा क्या करेंगे? आइए जानते हैं सिलसिलेवार तरीके से इस योजना की पूरी जानकारी …

अग्निवीर योजना पे क्यों कर रहे हैं छात्र आक्रोश

भारतीय सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए अग्निपथ (Agneepath) यानी अग्निवीर योजना (Agniveer Scheme) की औपचारिक घोषणा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 जून को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए की थी। Agnipath Scheme भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना में चार साल की अस्थायी भर्ती के लिए एक योजना है। इस योजना के तहत नियुक्त होने वाले युवा Agniveerकहलाएंगे। चयन प्रक्रिया अखिल भारतीय मेरिट के आधार पर होगी। Agniveer Yojana को लेकर सशस्त्र बलों में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के मन में भविष्य को लेकर चिंता पैदा हो गई है। अग्निवीर योजना का युवाओं का देशभर में विरोध, पुरानी भर्ती प्रक्रिया बहाल करने की मांग। वहीं किसान नेता राकेश टिकैत समेत विपक्षी नेताओं ने भी अग्निपथ योजना पर ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी।

Agnipath Scheme

भारतीय सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के मन में भविष्य के लिए बेरोजगार होने का डर सता रहा है। युवाओं का कहना है कि अग्निवीर योजना यानि अग्निपथ योजना के तहत 4 साल के लिए नौकरी दी जाएगी और 4 साल बाद 75 प्रतिशत अग्निवीरों को 11 लाख रुपये देकर घर वापस भेजा जाएगा। न पेंशन मिलेगी और न ही कोई सुविधा। इस तरह हममें से 75 फीसदी युवा बेरोजगार हो जाएंगे।

अग्निवीर (Agniveer) 4 साल बाद क्या करेगा?

इस योजना को लेकर जो सबसे बड़ा सवाल उठा, वह यह था कि सैनिक सेवानिवृत्ति के बाद क्या करेंगे। 4 साल बाद 25% को स्थायी सेवा में डाल दिया जाएगा लेकिन बाकी 75% का भविष्य क्या होगा? इस सवाल के जवाब में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया था कि कई मंत्रालयों और राज्य सरकारों ने अपनी इच्छा जाहिर की है कि जिन युवाओं ने अग्निवीर की सेवा वहां के मंत्रालयों या निगमों की भर्ती में की है, उन्हें वरीयता दी जाएगी

वहीं, ‘अग्निपथ’ को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने सीएपीएफ और असम राइफल्स की सेवानिवृत्ति के बाद होने वाली भर्ती में अग्निशामकों को वरीयता देने का फैसला किया है। देश के अहम राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा है कि यूपी सरकार उन युवाओं को प्राथमिकता देगी, जिन्होंने पुलिस और अन्य सेवाओं में अग्निवीर की सेवा की है।

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा है कि राज्य पुलिस की भर्ती में युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। पूर्वोत्तर राज्य असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- असम आरोग्य निधि पहल में युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी।

Agnipath scheme protest: क्यों भड़के छात्र

युवाओं का कहना है कि नौकरी के लिए उनकी उम्र बीत रही है और सेना में भर्ती बंद कर दी गई है। वहीं गुस्साए छात्रों का कहना है कि केंद्र सरकार की इस Agneepath Scheme में गलतफहमी है। चार साल बाद ही रिटायरमेंट दिया जाएगा। आगे हम क्या करेंगे ? कल्पना कीजिए कि 18 से 22 साल के 75 फीसदी बच्चे 22-26 साल की उम्र तक बेरोजगार हो जाएंगे।

हालांकि, सरकार का तर्क है कि चार साल पूरे होने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी कैडर में भर्ती किया जाएगा। लेकिन 10वीं या 12वीं पास करने के बाद अग्निवीर बनने वाले 75 फीसदी युवाओं का क्या? क्या सरकार के पास उन्हें दूसरी नौकरी दिलाने की कोई योजना है?

तीस-चालीस हजार की नौकरी में कैसे सुधरेगा भविष्य

तीस हजार या चालीस हजार में फौज में भर्ती होने वाले लड़के अक्सर अपने परिबरिक जिम्मेदारियों में बन्दे होते हैं। छोटी उम्र में नौकरी करना उनका मन नहीं अपितु उनकी जिम्मेदारियों का परिणाम होती है। इस दृष्टि से देखा जाये तोह ये सवाल किशोरों के मन में आनन स्वाभाविक है की क्या वह अपने परिवार की सभी जिम्मेदारी इस वेतन में पूरा कर पाएंगे। और डॉ है नौकरी जाने के बाद क्या होगा। बहनों की शादी से लेकर वृद्ध माता-पिता की देखभाल और परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने की बड़ी जिम्मेदारी, क्या उनकी जिम्मेदारी चार साल में पूरी होगी? यह बात रोजगार और युवाओं के भविष्य की दृष्टि से , अब देश की सुरक्षा की दृष्टि से भी समझ लेते हैं।

केवल 6 महीने में कैसे ट्रेंड कर पाएगा अग्निवीर?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सेना में एक बेहतर सैनिक तैयार करने में 7-8 साल लगते हैं, ऐसे में सिर्फ 6 महीने में अग्निवीर (Agniveer training) कैसे ट्रेंड कर पाएगा। इसके साथ ही अग्निवीर के जवानों को अपने परिवार की चिंता हमेशा रहेगी। वह अपने 3-4 साल पूरे करने के बाद किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश करेगा।

तीन-चार साल की नौकरी वाला जवान अपनी जान हथेली में लेकर क्यों लड़ेगा? इतना ही नहीं, देश के लिए एक और चुनौती और बढ़ जाएगी, क्योंकि इन फायर फाइटर्स के आसानी से कट्टरपंथी होने का डर रहेगा।

अग्निवीर योजना पे आक्रोश

भारतीय सेना की तीनों शाखाओं- थल सेना, जल और वायु सेना में भर्तियों के लिए अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद से कई सवाल उठ रहे हैं। तमाम तरह की शंकाओं के चलते देश के अलग-अलग राज्यों में युवा सड़कों और रेल पटरियों पर आ गए हैं। भविष्य को लेकर आशंकित युवा अग्निवीर के रूप में चार साल की सैन्य सेवा के बाद योजना का विरोध कर रहे युवाओं की भीड़ उग्र हो गई और कई जगह हंगामा किया। बिहार में बीजेपी के दो विधायक भी गुस्साए युवाओं के निशाने पर आ गए। वहीं, हरियाणा के पलवल में हालात इस कदर बिगड़ गए कि वहां इंटरनेट बंद करना पड़ा, जबकि फरीदाबाद में धारा 144 लागू करनी पड़ी। अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं में उमड़े गुस्से को देखते हुए सरकार ने स्पष्टीकरण भी पेश किया और कई सवालों के जवाब दिए।

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