CUET 2022 Exam हुआ अनिवार्य : जुलाई में होगा एग्जाम, जाने सिलेबस

CUET 2022 : देशभर के छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। 12वीं में 90 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल करने वाली दौड़ को राहत मिली है। केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) में प्रवेश के लिए अधिक प्रतिशत प्राप्त करने के लिए छात्रों पर तनाव होता था लेकिन अब नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए बोर्ड परीक्षा यानी 12वीं में प्राप्त अंकों को कोई वेटेज नहीं दिया जाएगा।

नहीं मिलेगा 12वीं के नंबर के आधार पर एडमिशन

केंद्रीय विश्वविद्यालयों (Central University) और संबद्ध कॉलेजों में स्नातक प्रवेश के लिए पात्रता मानदंड के अलावा अन्य छात्रों के प्रवेश पर अब 12वीं के अंकों का कोई असर नहीं पड़ेगा। ये नियम शैक्षणिक सत्र 2022-23 से शुरू हो जाएंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सोमवार को घोषणा की कि इस साल केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में छात्रों का प्रवेश विश्वविद्यालय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (CUET) में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा। हालांकि विश्वविद्यालयों को बोर्ड परीक्षा के अंकों पर न्यूनतम पात्रता निर्धारित करने की अनुमति होगी।

इस साल शुरु होगा CUET 2022

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने जानकारी दी है कि CUET जुलाई के पहले सप्ताह में आयोजित की जाएगी। कुमार ने कहा, “अकादमिक वर्ष 2022-23 से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी स्नातक (National Examination Agency Graduate) और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए CUET आयोजित करेगी। सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को अपने पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए CUET में प्राप्त अंकों पर विचार करना होगा।

CUET का ऐसा होगा सिलेबस

45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों को UGC से मिली आर्थिक मदद कुमार ने कहा कि CUET का पाठ्यक्रम NCERT के कक्षा 12 के पाठ्यक्रम के समान होगा। CUET में सेक्शन-1ए, सेक्शन-1बी, सामान्य परीक्षा और कोर्स-विशिष्ट विषय होंगे। सेक्शन-1ए अनिवार्य होगा, जो 13 भाषाओं में होगा और उम्मीदवार अपनी पसंद की भाषा चुन सकते हैं।

इन भाषाओं में होगी परीक्षा

कुमार ने कहा कि छात्रों के पास अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू का विकल्प होगा। UGC अध्यक्ष ने कहा कि CUET का विश्वविद्यालयों की आरक्षण नीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि CUET के बाद कोई सेंट्रल काउंसलिंग नहीं कराई जाएगी।

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