कर्मचारियों को लगा बड़ा झटका, 1 अप्रैल से बदल गए है PF से जुड़े ये नियम

EPF Rule Change : केंद्र सरकार 1 अप्रैल से नए आयकर कानूनों को लागू करने जा रही है। इससे कई कर्मचारियों को बड़ा झटका लगने वाला है। इसका असर करीब 6 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों पर पड़ सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने आम बजट में EPF Rule बदलाव (EPF Rule Change) के बारे में जिक्र किया था। ऐसा माना जा रहा है कि 1 अप्रैल से सरकार PF ब्याज की राशि पर टैक्स लगाना शुरू कर सकती है।

2.5 लाख रुपये से ज्यादा PF इनकम पर लागू होगा नया टैक्स

नए आयकर नियमों (New Income Tax Rules) के अनुसार गैर-सरकारी कर्मचारियों के लिए कर-मुक्त योगदान (tax-free contribution) पर 2.5 लाख रुपये और सरकारी कर्मचारियों के लिए 5 लाख रुपये की सीमा निर्धारित की गई है। नतीजतन, जब एक गैर-सरकारी कर्मचारी अपने पीएफ खाते (PF Accounts) में निर्धारित सीमा से अधिक राशि जमा करेगा तो उस पर अर्जित ब्याज कर के अधीन होगा। इसी प्रकार यदि कोई सरकारी कर्मचारी निर्धारित सीमा से अधिक राशि जमा करता है तो अतिरिक्त राशि से अर्जित ब्याज पर कर लगेगा।

को लगा बड़ा झटका 1 अप्रैल से बदल गए है PF से जुड़े ये नियम

1 अप्रैल से लागू होगा नया नियम

नया नियम 1 अप्रैल से लागू होगा जिसके तहत निर्दिष्ट सीमा से अधिक योगदान से होने वाली आय कर योग्य होगी। 31 मार्च, 2021 तक कर्मचारियों द्वारा किए गए सभी योगदानों को गैर-कर योग्य योगदान माना जाएगा। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि अतिरिक्त राशि पर ब्याज की गणना गैर-कर योग्य योगदान और कर योग्य योगदान के लिए अलग से की जाएगी। कर-मुक्त योगदान के लिए नया नियम करदाताओं को अपने करों की गणना करने का एक आसान तरीका प्रदान करता है। यह कर योग्य और गैर-कर योग्य योगदान को विभाजित करने में भी मदद करेगा।

1 अप्रैल 2022 से EPF में क्या बदलाव होगा?

1 अप्रैल से वीपीएफ खाते (VPF Accounts) में बड़ा योगदान करने वालों को भी नुकसान होगा। वित्त मंत्री ने कहा, “फंड में आने वाली बड़ी धनराशि और कर लाभ के साथ-साथ लगभग 8% रिटर्न का आश्वासन दिया जाता है जो कर के दायरे में आएगा।” इस प्रकार यह कदम बड़े कर मुक्त ब्याज पर अपना ध्यान केंद्रित करता है जिस पर निकासी पर भी कर नहीं लगाया जाता था।

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