EPFO : 31 मार्च तक करें ये जरुरी काम, नहीं तो रुक जाएगा PF का पैसा

EPFO : 31 मार्च से पहले EPFO के अंशधारकों को अपने खातों में नॉमिनी की डिटेल भरना जरुरी है। ऐसा न करने की स्थिति में आपका PF का पैसा रुक सकता है। अगर आप ये काम आज नहीं करते हैं तो 31 मार्च के बाद PF की पासबुक ऑनलाइन चेक नहीं कर पाएंगे।

EPFO में ऑनलाइन करें नॉमिनी का चयन

अगर आपको ऑनलाइन नॉमिनी का चयन करना है तो इसके लिए आपको सबसे पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। PF होल्डर जितनी बार चाहे उतनी बार नॉमिनी का नाम बदल सकते हैं। इसके लिए EPFO की तरफ से सुविधा मिल रही है।

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EPFO ने ग्राहकों को धोखेबाजों से किया आगाह

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) या PF के रूप में लोकप्रिय ग्राहकों को धोखेबाजों से आगाह किया है। एक ट्विटर पोस्ट में ईपीएफओ (EPFO) ने कहा कि वह कभी भी आधार, पैन, UAN, बैंक खाता, फोन पर ओटीपी, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप जैसे व्यक्तिगत विवरण नहीं पूछता है।

देशभर के कई कर्मचारी PF खाते में देते हैं योगदान

देशभर में कई कर्मचारी PF खाते में योगदान देते हैं। कर्मचारी जितनी राशि PF खाते में जमा करता है। उतनी ही राशि कर्मचारी की संस्था भी PF खाते में जमा करती है। यह राशि कर्मचारी और उसके परिवार के सुरक्षित भविष्य में बड़ा योगदान देती है।

बजट में प्रावधान किया गया है कि किसी कर्मचारी के भविष्य निधि (EPFO) खाते में जमा किया गया कोई भी ब्याज हर साल केवल 2.50 लाख तक के योगदान के लिए कर-मुक्त होगा और किसी कर्मचारी के 2.50 लाख से अधिक के योगदान पर किसी भी ब्याज पर कर्मचारी के हाथों कर लगाया जाएगा।

EPF इंट्रेस्ट रेट

EPFO ने इस महीने की शुरुआत में 2021-22 के लिए ब्याज दर को चार दशक के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत पर लाने का फैसला किया था। 2020-21 के लिए दर 8.5 प्रतिशत थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हालांकि कर्मचारियों के भविष्य निधि पर ब्याज दरों में कटौती के प्रस्ताव का बचाव किया। सीतारमण ने अन्य योजनाओं की तुलनात्मक प्रचलित ब्याज दरों का हवाला देते हुए कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) 7.6 प्रतिशत वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (7.4 प्रतिशत) और पीपीएफ (7.1 प्रतिशत) प्रदान करती है जबकि SBI की 5-10 साल की सावधि जमा पर 5.50 प्रतिशत ब्याज मिलता है।

उन्होंने कहा कि 40 साल से ईपीएफओ की दरों में कमी नहीं की गई है। आज की वास्तविकताएं हैं जो हमें EPFO के केंद्रीय बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णयों के संदर्भ में रखती हैं। इसे वित्त मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए आना बाकी है लेकिन तथ्य यह है कि ये दरें हैं जो हैं आज भी प्रचलित है और यह (EPFO) अभी भी बाकी की तुलना में अधिक है।”

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