Google Crome को लेकर बड़ा खुलासा: रखता है आपके पर्सनल डाटा पे नज़र

Google Crome: गूगल क्रोम के बारे में एक बड़ा खुलासा हुआ है जिसमें कहा गया है कि फोन में इंस्टॉल क्रोम ब्राउज़र के माध्यम से गूगल बिना किसी अनुमति के यूजर्स के पर्सनल डेटा पर नजर रखता है। फॉर्ब्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रोम के माध्यम से गूगल अपने यूजर्स का क्रिटिकल डेटा मॉनिटर करके उसके जरिए उनकी एक्टिविटीज और पिनपॉइंट लोकेशंस के बारे में जानकारी लेती है। इसके अलावा टॉमी माइस्क नामक एक शोधकर्ता ने भी अपनी ब्लॉग पोस्ट में क्रोम के बारे में कई खुलासे किये हैं। जबकि गूगल ने इसके जवाब में कहा कि यूजर चाहें तो इसे रोक सकते हैं। कुछ समय पहले ही फेसबुक के बारे में भी ऐसी ही एक रिपोर्ट आई थी, जिसमे कहा गया कि फेसबुक एक्सीलरोमीटर के माध्यम से अपने यूजर्स की लोकेशन चेक करता है। इस बड़े खुलासे के अनुसार अब गूगल भी क्रोम ब्राउजर के माध्यम से वैसा ही काम कर रहा है।

गूगल द्वारा यूजर के डेटा कलेक्शन और एक्टिविटी ट्रैकिंग का खुलासा

टॉमी माइस्क जो एक शोधकर्ता हैं, ने अपनी ब्लॉग पोस्ट में गूगल क्रोम के बारे में कई जानकारियां शेयर करते हुए कहा कि गूगल क्रोम एंड्रॉयड यूजर्स का मोशन सेंसर बाय डिफॉल्ट शेयर करता है। इसके अलावा एंड्रॉयड/क्रोम में सभी वेबसाइट्स पर मोशन सेंसर बाय डिफॉल्ट एक्सेसिबल है, जबकि सफारी/आईओएस में इसके लिए परमिशन चाहिए होती है। इसके जवाब में क्रोम ने कहा कि कंपनी क्रोम में मोशन सेंसर रेजोल्यूशन को शुरुआती तौर पर सीमित कर रही है और यूजर्स वेबसाइट को डिवाइस के मोशन सेंसर को एक्सेस करने से रोक सकते हैं। इसके साथ ही गूगल ने कहा कि वह क्रोम में सिक्योरिटी और प्राइवेसी को बेहतर बनाने के लिए निरन्तर कार्यरत हैं।
इससे पहले डबलिन स्थित ट्रिनिटी कॉलेज के एक शोधकर्ता ने अपनी स्टडी में पाया कि ऐपल कम्पनी के मुकाबले गूगल अपने यूजर्स का 20 गुना ज्यादा डेटा कलेक्ट करता है जबकि गूगल ने इस रिपोर्ट पर असंतोष व्यक्त किया था.

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