Voter ID को Aadhaar से लिंक कराना होगा अनिवार्य, बिल दोनों सदनों से पास

Link Voter ID Aadhaar: लोकसभा के बाद वोटर आईडी कार्ड को आधार से जोड़ने वाला बिल राज्यसभा से भी पास हो गया। संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून का रूप लेगा।

हालांकि विपक्ष इस पर अपनी शंका जाहिर करता रहा और इस बिल का विरोध करता रहा; लेकिन सरकार का कहना था कि इस विधेयक से फर्जी मतदान को रोकने में मदद मिलेगी; तमाम विपक्षी पार्टियों के विरोध के बाद भी आज इस बिल को राज्यसभा से पास कर दिया गया; विधेयक के पारित होने के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजिजू ने इसे जरूरी बताया। उन्होंने यह भी कहा कि आधार कार्ड को मतदाता सूची से जोड़ना जरूरी नहीं है, ये स्वैच्छिक है। उन्होंने कहा कि इस कदम से वोटरों के सत्यापन में मदद मिलेगी, साथ ही वोटर आईडी को आधार से लिंक करने के बाद फर्जी वोटिंग को रोकने में भी मदद मिलेगी

आईडी कार्ड को आधार से लिंक नहीं करता है तो

Link Voter ID Aadhaar: केंद्रीय कानून मंत्री के मुताबिक, इस बिल में प्रावधान किया गया है कि अगर कोई मतदाता अपने वोटर आईडी कार्ड को आधार से लिंक नहीं करता है तो भी उसका नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा, साथ ही आधार कार्ड नंबर देना भी पूरी तरह से वैकल्पिक होगा।

केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि चुनावी सुधारों की दृष्टि से देखा जाए तो यह बिल बेहद अहम है; मौजूदा व्यवस्था में अगर किसी व्यक्ति का नाम 2 जनवरी तक मतदाता सूची में नहीं आता था तो उसे 1 साल तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन इस कानून के बनने के बाद अब उसका नाम मतदाता सूची में 4 बार जोड़ने का विकल्प है

हालांकि लोकसभा से लेकर राज्यसभा तक सभी विपक्षी सांसदों ने इसका विरोध किया और इसे लेकर अपनी आशंका जाहिर की। इस कानून का सबसे बड़ा फायदा मतदाताओं को होगा, क्योंकि इससे मतदाताओं की पहचान की पुष्टि होगी और धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा। आपको बता दें कि इस बिल की जरूरत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि मतदाता सूची में अनियमितता का मुद्दा बार-बार उठाया जाता रहा है और कानून बनने के बाद धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी

Aadhaar Voter ID News : आधार को वोटर आईडी से जोड़ने से फायदा

वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ने वाले बिल का विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। इस बीच सरकारी सूत्रों ने इसके फायदे गिनाते हुए कहा कि इस कदम से एक ही व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में अलग-अलग जगहों पर दर्ज होने की बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा; उन्होंने कहा कि इससे मतदाता सूची को काफी हद तक पारदर्शी होने में मदद मिलेगी। कुछ समय पहले, लोकसभा ने संक्षिप्त चर्चा के बाद चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, 2021 को मंजूरी दे दी थी जबकि विपक्ष इस बिल को संसद की स्टैंडिंग कमेटी को भेजने की मांग कर रहा था

लोकसभा में पास हुआ मतदाता सूची को आधार से जोड़ने का बिल

सरकारी सूत्रों ने बताया कि बिल में चुनाव से जुड़े विभिन्न सुधारों को शामिल किया गया है, जिन पर लंबे समय से चर्चा होती रही है; उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नामांकन एक ऐसे व्यक्ति के आवेदन के आधार पर किया जाता है जो मतदाता के रूप में पंजीकृत होने के लिए पात्र है और विधेयक में एक प्रावधान है जिसके तहत नया आवेदक स्वेच्छा से अपना आधार नंबर वोटर आईडी के साथ जमा करेगा

सूत्रों ने बताया कि आधार नंबर नहीं दिए जाने पर कोई भी आवेदन खारिज नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आधार को मतदाता सूची से जोड़ने से चुनावी डेटा प्रबंधन से संबंधित एक बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। यह समस्या एक ही मतदाता के अलग-अलग जगहों पर नामांकन को लेकर ह; जिसके समाधान के लिए ही यह प्रबंधन किया जा रहा है

सूत्रों ने कहा कि ऐसा मतदाताओं द्वारा बार-बार निवास बदलने और पिछले नामांकनों को हटाए बिना नए स्थान पर नामांकन करने के कारण हो सकता है; इस प्रकार, जिन मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर या एक ही मतदाता सूची में एक से अधिक बार निर्वाचक नामावली में आते हैं, उन्हें हटाया जा सकता है

एक बार आधार से लिंक हो जाने के बाद, मतदाता सूची डेटा सिस्टम नए पंजीकरण के लिए आवेदन करने पर पिछले पंजीकरण के बारे में तुरंत अलर्ट कर देगा। उन्होंने कहा कि इससे काफी हद तक मतदाता सूची को साफ करने में मदद मिलेगी और मतदाता के निवास स्थान पर मतदाता पंजीकरण की सुविधा होगी

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