New Toll System : भारत में जल्द शुरू हो रहा नए टोल सिस्टम, जानें नए नियम

New Toll System : सरकार फास्टैग सिस्टम (Fastag System) को खत्म कर टोल कलेक्शन का नया सिस्टम लाने की तैयारी कर रही है। अब केंद्र सरकार सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम (Satellite Navigation System) का इस्तेमाल कर टोल टैक्स वसूलने की योजना बना रही है। भारत में पायलट प्रोजेक्ट (Pilot Project) के तौर पर नई प्रणाली का पहले से ही परीक्षण किया जा रहा है। इस सिस्टम में वाहन द्वारा हाईवे पर जितने किलोमीटर का सफर तय किया जाता है उसके हिसाब से टोल देना पड़ता है। नई व्यवस्था के तहत आप हाईवे या एक्सप्रेस-वे पर जितना अधिक किलोमीटर ड्राइव करेंगे उतना ही अधिक टोल वसूला जाएगा।

New Toll System
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New Toll System हो रहा जल्द शुरू

भारत में नए टोल सिस्टम (New Toll System) के पायलट प्रोजेक्ट का परीक्षण किया जा रहा है। हाईवे पर वाहन जितने किलोमीटर का सफर तय करता है उसके हिसाब से टोल वसूला जाता है। यूरोपीय देशों में इस प्रक्रिया की सफलता को देखते हुए इसे भारत में भी लागू करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल एक टोल से दूसरे टोल तक की दूरी की पूरी रकम वाहनों से वसूल की जाती है। भले ही आप वहां नहीं जा रहे हों और आपकी यात्रा बीच में कहीं पूरी हो रही हो लेकिन टोल का पूरा भुगतान करना पड़ता है।

New Toll System में भारत के 97 % वाहनों पर लिया जा रहा टोल

जर्मनी में लगभग सभी वाहनों में उपग्रह नेविगेशन सिस्टम (Navigation System) स्थापित हैं। वाहन के टोल रोड में प्रवेश करते ही टैक्स की गणना शुरू हो जाती है। जैसे ही वाहन बिना टोल के हाईवे से सड़क की ओर बढ़ता है उस किलोमीटर का टोल खाते से काट लिया जाता है। टोल काटने की प्रणाली FASTag की तरह ही है। फिलहाल भारत में 97 फीसदी वाहनों पर फास्टैग से टोल लिया जा रहा है।

Pilot Project में 1.37 लाख वाहनों को किया गया शामिल

नई व्यवस्था को लागू करने से पहले परिवहन नीति में भी बदलाव जरूरी है। विशेषज्ञ इसके लिए जरूरी बिंदु तैयार कर रहे हैं। पायलट प्रोजेक्ट (Pilot Project) में देशभर में 1.37 लाख वाहनों को शामिल किया गया है। रूस और दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञों द्वारा एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह रिपोर्ट अगले कुछ हफ्तों में जारी हो सकती है।

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