Pension Adalat : हल होंगी पूरे देश के पेंशनरों की दिक्‍कतें, जानें कैसे

pension से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए मोदी सरकार पेंशन अदालत (Nation-wide Pension Adalat) का आयोजन कर रही है। यह Pension Adalat पूरे देश में एक ही बार में की जाएगी। खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में पेंशनभोगी घर बैठे ही हिस्सा ले सकते हैं। क्योंकि यह Pension Adalat वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से की जाएगी। भारत सरकार में उप सचिव संजय शंकर के अनुसार, राष्ट्रव्यापी पेंशन अदालत आयोजित करने के पीछे का उद्देश्य पेंशन संबंधी शिकायतों के ग्राफ को पल भर में नीचे लाना है। Department of Pension & Pensioners’ Welfare ने सभी विभागों को इसके लिए बेहतर तैयारी करने के आदेश दिए हैं. विभागों से कहा गया है कि वे वीसी के आचरण की तैयारी करें और पेंशनभोगी को इसमें शामिल होने के बारे में जागरूक करें

Pension Adalat
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शिकायत ऑनलाइन कैसे दर्ज करें

  • Pension Adalat से पहले रजिस्टर मोबाइल नंबर या ई-मेल पर पेंशनभोगी को लिंक भेजा जाएगा।
  • पेंशनभोगी इस लिंक पर क्लिक करेंगे और वीसी के माध्यम से उनकी शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।
  • पेंशनभोगी को पहले अपना 12 अंकों का पीपीओ नंबर, खाता संख्या, पता और मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी निर्धारित प्रपत्र में शिकायत के साथ भेजना होगा।
  • यदि शिकायत डाक से भेजी जाती है तो लिफाफे के ऊपर पेंशन अदालत 2022 लिखनी होती है।

सेवानिवृत्त शिक्षकाें के लिए पेंशन अदालत

हर महीने की 15 तारीख को सेवानिवृत्त शिक्षकाें के लिए लगेगी पेंशन अदालत .झारखंड में अब शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति का लाभ लेने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। इसका लाभ उन्हें समय पर मिल जाएगा। स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव राजेश शर्मा ने सेवानिवृत होने वाले शिक्षकों एवं गैर शिक्षक कर्मचारियों को समय पर एवं समय पर लाभ सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक माह की 15 तारीख को पेंशन अदालत गठित करने के आदेश दिए हैं। अगर 15 तारीख को छुट्टी है तो अगले दिन पेंशन अदालत का आयोजन किया जाएगा।

डाक विभाग करेगा हर समस्या का समाधान

डाक विभाग के बिहार सर्किल की ओर से पेंशन अदालत का गठन किया जाएगा। इसमें पेंशनभोगियों की सभी तरह की समस्याओं का समाधान होगा। पेंशनभोगियों के साथ-साथ पारिवारिक पेंशन से जुड़ी समस्याओं, कानूनी उलझाव के कारण लंबित मामलों का निपटारा होगा। हालांकि, जो मामले विचाराधीन हैं, उन पर विचार नहीं किया जाएगा। चीफ पोस्टल जनरल की अध्यक्षता में इस कोर्ट का आयोजन ऑफलाइन किया जाएगा। अदालत में वही पेंशनभोगी उपस्थित हो सकेंगे, जिन्हें कोविड के दोनों टीके लग चुके हैं।

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