PM Kisan के लिए राशन कार्ड अनिवार्य, सिर्फ इन्हे मिलेगी PM Kisan की10वी क़िस्त

सरकार द्वारा PM किसान सम्मान निधि योजना के नियमों में Changes किये गए हैं। PM किसान योजना का लाभ किसानों के अतिरिक्त अन्य नागरिकों ने भी लिया जबकि वह इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं थे। ऐसी स्थिति में Registration में हो रहे फर्जी कार्य को रोकने के लिए अब Ration card को mandatory कर दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत अब New registration करते समय Ration card number enter करना होगा और documents की soft copy बनाकर portal पर upload भी करनी होगी। इसके बाद ही husband/ wife या उसके किसी family member को योजना का लाभ मिल सकेगा। केंद्र सरकार ने किसानों के bank account में अब तक 9 किस्तें भेज दी हैं।

बिना Ration card के नहीं मिलेगी PM Kisan की 10th installment

अब सभी किसान 10वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन New registration करते समय ration card number दर्ज करना जरुरी है, इसके बाद ही किसानों को 10वीं किस्त उनके bank account में मिल सकेगी। सरकार द्वारा नियमों में changes करने का main reason registration के समय हो रहे फर्जीवाड़े और धोखेधड़ी को रोकना है क्योंकि अब तक योजना का लाभ ऐसे किसान और नागरिक ले रहे थे जो योजना के पात्र नहीं थे।

PM किसान योजना का पहली बार Registration करते समय Ration card number fill करना होगा और साथ ही pdf भी upload करना होगा। इन सभी documents की pdf file बनाकर portal पर upload करना पड़ेगा, जिससे धोखाधड़ी नहीं हो सकेगी। केंद्र सरकार ने PM किसान निधि सम्मान योजना की 10वीं किस्त किसानों के खाते में भेजने की तारीख निश्चित कर ली है। सरकार 15 December 2021 तक PM Kisan Yojana की किस्त किसानों के खाते में भेजने की योजना बना रही है। यदि कोई किसान इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक हैं तो वह Portal पर जाकर registration process complete कर लें।

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1 thought on “PM Kisan के लिए राशन कार्ड अनिवार्य, सिर्फ इन्हे मिलेगी PM Kisan की10वी क़िस्त”

  1. ये किसान सम्मान निधि कुछ नहीं एक तमाशा है, किसानों को परेशान किया जा रहा है,बेबकूफ बनाया जा रहा है, सरकार ने करते करते घोषणा तो कर दी 14.5 करोड़ किसानों की अब दिए दी नहीं जा रही इसलिए हारे हुए बैल की तरह सिर पटक रही है। फर्जीवाड़ा की बात करें तो जनता ने नहीं फर्जीवाड़ा सरकार के कर्मचारियों, अधिकारियों ने रुपए ले लेकर फर्जीवाड़ा किया है और करोड़ों पात्र किसानों को लटका कर रखा गया है उन्हें न एक भी पैसा मिला है और ना भविष्य में मिलने की उम्मीद है क्योंकि सरकार इस सम्बन्ध में कुछ न तो कर रही है और ना करने की कोई सूचना ही है। आवेदनों में त्रुटियों के सुधार की जो बातें की जाती हैं वे एक दम झूँठ हैं क्योंकि सुधार कहीं भी किसी भी कीमत पर नहीं होता और इस सम्बन्ध में सरकार का प्रचार प्रसार करने वाले पत्र और पत्रकार भी ध्यान नहीं देते सरकार द्वारा घोषित बातों का सत्यापन नहीं करते।

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