खुशख़बरी: अब REET Certificate Validity लाइफटाइम के लिए बढ़ाई गई

REET Certificate Validity: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा की कि राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (Rajasthan Teacher Eligibility Test (REET)) प्रमाण पत्र (REET Certificate Validity) जीवन भर के लिए मान्य होंगे। यह फैसला उनके आवास पर हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। पहले प्रमाण पत्र सात साल तक के लिए वैध थे जिसे बाद में तीन साल में बदल दिया गया।

गहलोत ने यह भी कहा कि कैबिनेट ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षक पदों की सीधी भर्ती के लिए प्रक्रिया और कार्यप्रणाली निर्धारित करने के लिए राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 में संशोधन करने का फैसला किया है। मंत्रिपरिषद के इस निर्णय से प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक पद के लिए चयन अधिकृत एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जायेगा

अभी तक यह चयन आरईईटी के अंकों के आधार पर होता था। सरकार ने कहा है कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर के अधिक योग्य शिक्षकों का चयन राज्य सरकार द्वारा निर्धारित एजेंसी से पूरी पारदर्शिता के साथ किया जायेगा। इससे पहले, शिक्षा मंत्रालय ने कहा था कि केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) योग्यता प्रमाण पत्र की वैधता सात साल से बढ़ाकर जीवन भर की जाएगी। हालांकि, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा संचालित, यह परिवर्तित वैधता के साथ प्रमाण पत्र फिर से जारी नहीं करेगा। सीबीएसई ने कहा था, “नियुक्ति के लिए टीईटी योग्यता प्रमाण पत्र की वैधता अवधि, जब तक कि उपयुक्त सरकार द्वारा अन्यथा अधिसूचित नहीं किया जाता है, जीवन के लिए वैध रहेगा।

इसी बीच राजस्थान शिक्षा विभाग ने रीट 2021 लेवल 1 की कट ऑफ लिस्ट 28 फरवरी को reetbser21.com और rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जारी कर दी है। जारी किए गए उम्मीदवारों की सूची इस बार कुल पदों से दोगुनी थी। कुल 31,000 उम्मीदवारों का चयन 15500 पदों के लिए किया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिक्षकों के पदों पर मार्च के अंत तक उम्मीदवारों की नियुक्ति होने की संभावना है। इस बीच, REET 2022 जुलाई में आयोजित की जाएगी। रिक्तियों को 32000 से बढ़ाकर 62000 किया जाएगा और शिक्षक भर्ती दो परीक्षाओं के माध्यम से की जाएगी। आरईईटी क्वालिफाई करने वालों को दूसरी परीक्षा में शामिल होना होगा।

REET Certificate Validity

रीट परीक्षा को लेकर राज्य सरकार की ओर से बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता वाली राज्य कैबिनेट ने शनिवार को इस पर फैसला लिया. इसके तहत आरईईटी परीक्षा की वैधता आजीवन होगी, जो फिलहाल तीन साल के लिए वैध है। उल्लेखनीय है कि नए प्रावधान के तहत अब केवल एक बार आरईईटी देना होगा। वहीं, तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती के लिए अलग से परीक्षा होगी। अभी तक REET नंबर के आधार पर चयन होता था। परीक्षा की प्रक्रिया तय कर दी गई है। इसके लिए मंत्रिपरिषद ने पंचायती राज नियम 1996 में संशोधन को मंजूरी दे दी है।

इस पर भी निर्णय

मंत्रि-परिषद ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शिक्षक पदों की सीधी भर्ती के लिए प्रक्रिया एवं कार्यप्रणाली निर्धारित करने हेतु राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 में संशोधन करने का निर्णय लिया। इस निर्णय के साथ प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक पद के लिए चयन प्राधिकृत एजेंसी द्वारा प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित कर योग्यता के आधार पर किया जायेगा. आपको बता दें कि अभी तक यह चयन रीट में मिले अंकों के आधार पर होता था।

सरकारी योजनाएं, लेटेस्ट न्यूज़, एक्साम्स से जुडी सभी प्रकार की जानकारी को जानने के लिए sarkariiyojana.in को जरूर बुकमार्क करें।

close button