Stand Up India: महिलाओं, SC और ST (MSME) को स्वीकृत ऋण में लगभग 30% की बढ़ोतरी

Stand Up India: MSME के लिए ऋण और वित्त: महिलाओं और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के बीच उद्यमशीलता का प्रदर्शन करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की योजना, स्टैंड-अप इंडिया(Stand Up India) ने 2021 में स्वीकृत ऋणों की संख्या और उसमें शामिल राशि में 29% की बढ़ोतरी की है। महामारी की दूसरी लहर के संकेत के बावजूद ग्रीनफील्ड उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण में वृद्धि की आवश्यकता थी। 15 दिसंबर, 2020 तक करीब 98,454 ऋण आवेदनों की राशि 22,136.21 स्वीकृत करोड़ रुपये थी।

उसके बाद, 26 दिसंबर, 2021 तक 28,700.36 करोड़ रुपये के आवेदन 1,27,440 हो गए। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, स्कीम शुरू होने के बाद से अप्रैल 2016 में, स्वीकृत आवेदनों का आधार 7 मार्च, 2018 तक 55,342 आवेदनों से बढ़कर 10 मार्च, 2020 तक 91,319 आवेदन हो गया और फिर 23 मार्च, 2021 तक 25,586 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,14,322 से अधिक आवेदन हो गए। योजना के ऑफिसियल पोर्टल के नए आंकड़ों से मिली जानकारी के अनुसार, प्राप्त आवेदनों की कुल संख्या 2021 में 27% बढ़कर 1.46 लाख रुपये हो गई, जो पिछले साल 27,467.04 करोड़ रुपये से जुड़े 1.15 लाख से अधिक आवेदनों से बढ़कर 34,628.36 करोड़ रुपये हो गई थी।

Stand Up India योजना के तहत अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की प्रति बैंक शाखा में एक अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति और कम से कम एक महिला को विनिर्माण, सेवाओं, या व्यापार क्षेत्र और कृषि से सम्बन्धित गतिविधियों के लिए 10 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का ऋण दिया जायेगा। पिछले साल Stand Up India योजना से जुड़े ऋणदाता भी 305 से बढ़कर इस साल 369 हो गए हैं, जो कि 1.53 लाख से अधिक बैंक शाखाओं से जुड़े हुए हैं।

यहां ग्रीनफील्ड इकाई को लाभार्थी के पहली बार उद्यम के लिए संदर्भित किया जाता है। गैर-व्यक्तिगत उद्यमों के मामले में, 51% शेयरधारिता और नियंत्रण हिस्सेदारी व्यवसाय में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और/या महिला उद्यमियों के पास होगी। इसके अलावा, किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान के लिए डिफ़ॉल्ट रूप से ऋणदाता इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने वित्त वर्ष 2020 के बजट भाषण में योजना को वर्ष 2025 तक बढ़ाने की घोषणा की थी।

Stand Up India के तहत ज्यादातर लाभार्थी महिला उद्यमी हैं। वित्त वर्ष 2020 से 23 नवंबर, 2021 तक, करीब 35,924 स्वीकृत आवेदनों में से, 28,299 महिला उधारकर्ताओं के लिए थे, जिनकी राशि 6,859 करोड़ रुपये थी। अनुसूचित जाति के उद्यमियों को 1,174 करोड़ रुपये के 5,398 आवेदनों को मंजूरी दी गई, जबकि अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को 481.33 करोड़ रुपये के 2,227 आवेदनों को मंजूरी दी गई।

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