UGC New Rule : अब बिना Phd Net के भी बन सकते हैं प्रोफेसर, जानें कैसे

UGC New Rule : जो लोग प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे हैं उनके लिए एक खुशखबरी सामने आई है। विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में प्रोफ़ेसर ऑफ प्रैक्टिस के पद पर नियुक्ति के लिए Phd या Net की अनिवार्यता अब जल्द ही खत्म हो सकती है। हालांकि यूजी ने कहा कि अभी किसी नतीजे पर पहुँचने से पहले की प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है। UGC इसको Examine कर रही है।

Assistant Professors भर्ती के लिए Phd Net की नहीं पड़ेगी जरुरत

आपको बता दें कि 30 मार्च को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) ने कहा था कि UGC प्रोफ़ेसर ऑफ प्रैक्टिस के पदों के लिए संभावनाएं तलाश रही हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों के स्वीकृत पदों को प्रभावित किए बिना इस पद के सृजन की सम्भावना का पता लगाया जा रहा है। इस पहल से उच्च शैक्षिक संस्थानों और उद्योग के बीच के अंतराल को दूर करने में मदद मिलेगी। इसके साथ छात्रों को रोजगार में मदद मिलेगी। इस तरह के प्रावधान आईआईटी (IIT) में पहले से मौजूद हैं।

नए पदों के लिए UGC उद्देश्य

यूजीसी ने कहा कि यह कदम उन शिक्षकों को अनुमति देने के लिए उठाया जा रहा है जिनके पास पीएचडी की डिग्री (Phd degree) नहीं है, ताकि वे छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दे सकें और अपना ज्ञान साझा कर सकें। नए पदों के लिए नियुक्ति के निर्णय का उद्देश्य कई विशेषज्ञों को अवसर प्रदान करना है जो विश्वविद्यालयों में पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि उनके पास पीएचडी की डिग्री नहीं है।

Assistant Professors भर्ती के लिए होंगे ये बदलाव

हालांकि यह योजना अभी शुरुआती चरण में है। एक अंतिम पुष्टि जारी की जानी बाकी है। इसके अलावा कोई भी आधिकारिक घोषणा करने से पहले विवरण तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। UGC ने हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि ये टीचिंग पद अस्थायी होंगे या स्थायी। यह अंशकालिक भी हो सकता है और प्रोफेसरों की नियुक्ति संस्थान की आवश्यकता पर निर्भर करेगी।

इससे पहले केंद्र सरकार ने UGC के नियमों में संशोधन किया था जिसने पीएचडी (Phd) को सहायक प्रोफेसरों की भर्ती (Assistant Professors Recruitment) के लिए न्यूनतम पात्रता मानदंड बनाया था। नियम 2021 से लागू होने थे, लेकिन कोविड -19 महामारी के कारण स्थगित कर दिए गए। इसे बाद में जुलाई 2023 तक बढ़ा दिया गया था। इस बीच यूजीसी नेट (UGC NET) स्कोर के आधार पर हायरिंग जारी रखनी है।

UGC ने एक आधिकारिक नोटिस में कहा, “यूजीसी ने कोविड-19 महामारी को देखते हुए सहायक प्रोफेसरों की सीधी भर्ती के लिए अनिवार्य योग्यता के रूप में पीएचडी के आवेदन की तिथि 1 जुलाई, 2021 से बढ़ाकर 1 जुलाई, 2023 करने का फैसला किया है।”

close button