Zycov-D: 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को ज़ल्द लगेगी Covid-19 वैक्सीन, होगी सुई-रहित वैक्सीन

Zycov-D: देश में जल्द ही बच्चों को भी कोरोना की वैक्सीन लगने वाली है। केंद्र सरकार ने 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए कोरोना टीकाकरण की मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने जायडस कैडिला कंपनी की तीन खुराक वाली वैक्सीन जिसका नाम ‘जाइकोव-डी’ है की एक करोड़ डोज खरीदने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही इसी महीने यह वैक्सीन राष्ट्रीय कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण अभियान में शामिल होने वाली है। बच्चों से पहले यह वैक्सीन वयस्कों को लगाई जाएगी।

केंद्र सरकार ने जायडस कैडिला कंपनी को Zycov-D टीके की एक करोड़ डोज के लिए आर्डर दिया है और इस वैक्सीन की कीमत कर को हटा कर लगभग 358 रुपये है। इस कीमत में ‘जेट एप्लीकेटर’ का खर्च भी शामिल है जिसकी कीमत 93 रुपये है, इसके द्वारा ही टीके की तीनों खुराक दी जाएगी।

तीन खुराक वाली डीएनए बेस्ड एवं सुई-रहित वैक्सीन

जायडस कैडिला कंपनी हर महीने Zycov-D की कई खुराकें बनाने की क्षमता रखती है और लगभग एक करोड़ खुराक आसानी से मुहैया करा सकती है। इस टीके की तीन खुराक होगी और तीनों खुराकों को 28 दिनों के अंतराल पर दिया जायेगा। यह टीका दुनिया का पहला ऐसा टीका है, जो डीएनए-आधारित एवं इस टीके के लिए सुई की जरूरत नहीं होगी।

पहले इस टीके को 20 अगस्त को दवा नियामक से केवल आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली थी इसके बाद नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉ वीके पॉल ने 30 सितंबर को कहा कि दुनिया का पहला डीएनए-आधारित टीका राष्ट्रव्यापी अभियान में बहुत जल्द शामिल किया जाएगा।

इस टीके की तीन खुराकें लगेंगी, जिसमें पहली खुराक के 28 दिन बाद दूसरी खुराक और 56 दिन बाद तीसरी खुराक दी जायेगी। सीमित उत्पादन क्षमता की वजह से शुरूआत में यह टीका सिर्फ वयस्कों को ही लगाया जायेगा। तीन खुराक वाली यह वैक्सीन शरीर में जाती है तब SARS-CoV-2 वायरस का स्पाइक प्रोटीन बनाती है और इससे एक इम्यून रिस्पांस बनता है जो इस बीमारी से लड़ने में मदद करता है। प्लग एंड प्ले तकनीक जिस पर प्लाज्मिड डीएनए प्लेटफार्म आधारित है वह वायरस से लड़ने के लिए तैयार हो जाता है।

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