UP Sarkari Yojana List 2021: उत्तर प्रदेश सरकार की नारियों के लिए शुरू की गयी योजनाओं की लिस्ट

UP Sarkari Yojana List: उत्तरप्रदेश सरकार समय समय पर नई योजनाये शुरू करती रहती है, इस लेख के माधियम से आप UP Sarkari की लेटेस्ट योजना जो नारी सम्मान के उद्देश्य से शुरू की गयी हैं, उनके बारे जान सकते हैं।

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: यूपी राज्य सरकार उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना नाम से नए जोड़ों के लिए एक नई योजना शुरूकी है। इस योजना के तहत, उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार कुल 35,000 रुपये नए परिवर्धन के लिए खर्च करेगी, जिसमें से 20,000 सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे और शेष राशि एक उपहार देने के लिए प्रदान की जाएगी जिसमें एक नया मोबाइल फोन और कुछ अन्य घरेलू सामान शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की यह योजना के माद्यम से गरीब परिवार के जोड़े भी शादी कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार की और से दिए जाने वाले 35 हजार रूपए की अनुदान राशि को बढाकर 51 हजार रूपए कर दिया गया है

एंटी रोमिओ स्कॉयड का गठन: बीते चार साल के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने नारी के सम्मान और सुरक्षा हेतु कई योजनाओं को लागु किया है | एंटी रोमिओ स्कॉयड का गठन करके सरकार ने जहाँ बेटियों के साथ होने वाली छेड़खानियों पे रोक लगाई वही प्रदेश के 1535 थानों पर महिला हेल्प डेस्क और महिला बीट अधिकारीयों की व्यवस्था करके उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद महिलाओं और लड़कियों में सुरक्षा की भावना को और मजबूत करने के उद्देश्य से गठित एंटी रोमियो स्क्वायड की कार्रवाई तेज कर दी गई है.

मिशन सकती अभियान: सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा अवं स्वाभिमान के प्रति लोगो को जागरूक करने मिशन सकती का सुभारम्भ किया जिसका पहला और दूसरा चरम समाप्त हो चूका है और तीसरा चरण चल रहा है | मिशन सकती अभियान के तहत अब तक 8 करोड़ महिलाओं अधिकार और कर्त्वय के प्रति जागरूक किया गया है |

स्वयं सहायता समूह से रोजगार शुरू करें महिलाएं: महिलाओं की सुरक्षा उनकी शिक्षा सेहत और नौकरी आदि के दिशा में भी ठोस पहल की गई है स्वयं सहायता समूहों से महिलाओं को समूह के माध्यम से अपना रोजगार शुरू कर सकती हैं। इसके लिए वह बैंक से ऋण ले सकती हैं।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लाभार्थियों को रसोई गैस कनेक्शन वितरित करती है। इस योजना का लाभ केवल महिलाएं ही ले सकती हैं। आवेदक महिला की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। साथ ही इस योजना के तहत एक ही घर में कोई अन्य एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना: हमारे देश की सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भवती महिलाओं को 6000 रुपये का लाभ मिल रहा है। कोई भी गर्भवती महिला जो इस योजना में आवेदन करने की इच्छुक है उसे आंगनबाडी एवं स्वास्थ्य केंद्र में जाकर तीन आवेदन पत्र भरने होंगे। प्रधान मंत्री गर्भावस्था सहायता योजना 2021 के लिए आवेदन करने के लिए गर्भवती महिलाओं को आंगनबाडी या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर पंजीकरण फॉर्म जमा करना होगा। इस योजना के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय एक नोडल एजेंसी के तौर पर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ गर्भवती महिलाओं को पहले जीवित बच्चे के जन्म के बाद ही मिलेगा। इस योजना के तहत सिर्फ वो गर्भवती महिलाएं ही आवेदन कर सकती हैं जिनकी उम्र 19 साल या उससे ज्यादा हो।

कन्या सुमंगला योजना के तहत लड़की के जन्म से लेकर उसकी शादी तक छह चरणों में आर्थिक लाभ दिया जाएगा। जो भी इच्छुक परिवार इस योजना का लाभ लेना चाहता है। उन्हें अपना सालाना आय प्रमाणपत्र भी दिखाना होगा। ऐसे में उनकी सालाना आय 3 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। योजना के तहत लाभार्थी पुत्री को 6 भागों में 15000 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसमें हर परिवार को इस योजना का लाभ अधिकतम 2 बेटियों को मिल सकता है।

स्वामित्व योजना: ज्यादातर लोगों के पास जमीन का कोई रिकॉर्ड नहीं होता है लोगों के पास स्वामित्व साबित करने के लिए कोई दस्तावेज भी नहीं है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय भूमि का स्वामित्व निर्धारित करना और उसका रिकॉर्ड बनाना है।इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवासीय भूमि की संपत्ति का अधिकार प्राप्त हो सकेगा। जमीन की नाप-जोख के लिए ड्रोन की मदद ली जाएगी। जमीन नापने के लिए गूगल मैपिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।इस योजना के तहत प्रॉपर्टी कार्ड के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। जैसे ही मैपिंग, सर्वे का काम पूरा होगा सरकार खुद ही सभी लोगों को उनकी संपत्ति का कार्ड देगी. ग्राम सर्वेक्षण पूरा होने के बाद प्राप्त डाटा पंचायती राज मंत्रालय के ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद प्रापर्टी कार्ड का निर्माण शुरू होगा। इसके बाद जिला स्तर पर कैंप लगाकर भू-स्वामियों को प्रॉपर्टी कार्ड सौंपे जाएंगे.

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